Tuesday, December 30, 2008

जादूगर सैय्या छोड़ो मेरी बैय्या ..फ़िल्म : नागिन

जादूगर सैंया, छोड़ो मेरी बैंया
हो गई आधी रात, अब घर जाने दो

झुकी-झुकी अँखियाँ देखेंगी सारी सखियाँ
देंगी ताना तेरे नाम का
(ऐसे में मत रोक बेदर्दी
ले ले वचन कल शाम का) -२
कल होंगे फिर हम साथ
अब घर जाने दो

जादूगर सैंया ...

जाने दे ओ रसिया, मेरे मन बसिया
गाँव मेरा बड़ी दूर है
(तेरी नगरिया रुक न सकूँ मैं
प्यार मेरा मजबूर है) -२
ज़ंजीर पड़ी मेरे हाथ
अब घर जाने दो

जादूगर सैंया ...

Thursday, December 25, 2008

दगा दगा वै वै वै...फ़िल्म : काली टोपी लाल रुमाल

दग़ा दग़ा वै वै वै
दग़ा दग़ा वै वै वै
हो गई तुमसे उल्फ़त हो गई) -२
दग़ा दग़ा वै वै वै

(यूँ ही राहों में खड़े हैं तेरा क्या लेते हैं
देख लेते हैं जलन दिल की बुझा लेते हैं) -२
आए हैं दूर से हम
तेरे मिलने को सनम
चेकुनम, चेकुनम, चेकुनम

दग़ा दग़ा वै वै वै ...

(जान जलती है नज़र ऐसे चुराया न करो
हो ग़रीबों के दुखे दिल को दुखाया न करो) -२
आए हैं दूर से हम
तेरे मिलने को सनम
चेकुनम, चेकुनम, चेकुनम

दग़ा दग़ा वै वै वै ...

(हम क़रीब आते हैं तुम और जुदा होते हो
लो चले जाते हैं काहे को ख़फ़ा होते हो) -२
अब नहीं आएँगे हम
तेरे मिलने को सनम
चेकुनम, चेकुनम, चेकुनम

दग़ा दग़ा वै वै वै ...

Wednesday, December 24, 2008

वादा करो नही छोडेगी तुम मेरे साथ ..फ़िल्म : आ गले लग जा

कि : वादा करो नहीं छोड़ोगी तुम मेरा साथ
जहाँ तुम हो वहाँ मैं भी हूँ -२
आ : छुओ नहीं देखो ज़रा पीछे रखो हाथ
जवाँ तुम हो जवाँ मैं भी हूँ -२

कि : सुनो मेरी जाँ हँस के मुझे ये कह दो
भीगे-भीगे लबों की नरमी मेरे लिए है
जवाँ नज़र की मस्ती मेरे लिए है
हसीं अदा की शोख़ी मेरे लिए है
मेरे लिए ले के आई हो ये सौग़ात
जहाँ तुम हो ...
आ : छुओ नहीं देखो ...

मेरे ही पीछे आख़िर पड़े हो तुम क्यों
इक मैं जवाँ नहीं हूँ और भी तो हैं
हो मुझे ही घेरे आख़िर खड़े हो तुम क्यों
मैं ही यहाँ नहीं हूँ और भी तो हैं
जाओ जा के ले लो जो भी दे-दे तुम्हें हाथ
जहाँ सब हैं वहाँ मैं भी हूँ -२
कि : वादा करो नहीं ...

वादा करले साजना ....फ़िल्म : हाथ की सफाई

(वादा करे ले साजना
तेरे बिना मैं न रहूँ
मेरे बिना तू न रहे
हो के जुदा ...
ये वादा रहा, न होंगे जुदा
ये वादा रहा) -२

र: मैं धड़कन तू दिल है पिया
मैं बाटी तू मेरा दिया
हम प्यार की ज्योत जलाएं -२
ल: मैं राही मेरी मंज़िल है तू
मैं हूँ लहर और साहिल है तू
जीवन भर साथ निभाएं -२

वादा कर ले जान-ए-जां
तेरे बिना मैं न ...

ल: जब से मुझे तेरा प्यार मिला
अपनी तो है बस यही दुआ
हर जनम यूँ मिलते रहेंगे -२
र: सुंदर सा हो अपन जहाँ
प्यार अपना रहे सदा जवां
हम सुख-दुख मिल के सहेंगे -२

वादा करे ले साजना
तेरे बिना मैं न ...

Tuesday, December 23, 2008

वो जब याद आई बहुत याद आए ..फ़िल्म : पारस मणि


want to hear this old one :
http://www.youtube.com/watch?v=lJti8tOpG0o&feature=related





वो जब याद याद आए बहुत याद आए
ग़म-ए-ज़िंदगी के अंधेरे में हमने
चिराग-ए-मुहब्बत जलाए बुझाए

आहटें जाग उठीं रास्ते हंस दिये
थामकर दिल उठे हम किसी के लिये
कई बार ऐसा भी धोखा हुआ है
चले आ रहे हैं वो नज़रें झुकाए

दिल सुलगने लगा अश्क़ बहने लगे
जाने क्या-क्या हमें लोग कहने लगे
मगर रोते-रोते हंसी आ गई है
ख़यालों में आके वो जब मुस्कुराए

वो जुदा क्या हुए ज़िंदगी खो गई
शम्मा जलती रही रोशनी खो गई
बहुत कोशिशें कीं मगर दिल न बहला
कई साज़ छेड़े कई गीत गाए

वो हसीन दर्द दे दो ......फ़िल्म : हम साया

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
वो निगाह मुझपे डालो, कि मैं ज़िंदगी बना लूँ
वो हसीन दर्द ...

मैं तुमसे मांगती हूँ, ज़रा अपना हाथ दे दो
मुझे आज ज़िंदगी की, वो सुहागरात दे दो
जिसे लेके कुछ न मांगूं, और मांग में सजा लूँ
वो हसीन दर्द ...

मेरी आरज़ू तो देखो, तुम्हें सामने बिठा कर
कभी दिल के पास लाकर, कभी दिलरुबा बना कर
कोई दास्तान सुन लूँ, कोई दास्तां सुना लूँ
वो हसीन दर्द ...

Monday, December 22, 2008

वो है ज़रा खफा खफा ...फ़िल्म : शागिर्द

I used to like this song very much.. those days....:)

do you want to then clik ::
http://www.youtube.com/watch?v=HLqZRJkrw8s&feature=related



वो हैं ज़रा खफ़ा खफ़ा
तो नैन यूं मिलाए हैं कि हो हो
ना बोल दूं तो क्या करूँ
वो हँस के यूँ बुलाए हैं कि हो हो

हँस रही है चाँदनी
मचल के रो ना दूं कहीं
ऐसे कोई रूठता नहीं
ये तेरा खयाल है
करीब आ मेरे हंसीं
मुझको तुझसे कुछ गिला नहीं
बात यूँ बनाए हैं कि ओ हो ...
वो हैं ...

ऐसे मत सताइये
ज़रा तरस तो खाइये
दिल की धड़कन मत जगाइये
कुछ नहीं कहूंगा मैं
ना अँखियां झुकाइये
सर को कन्धे से उठाइये
ऐसे नींद आए है कि हम ...
वो हैं ...

वो दिन याद करो ...फ़िल्म : हम राही

र : वो दिन याद करो -२
वो छुप-छुप के मिलना वो हँसना-हँसाना
वो दिन याद करो
ल : वो दिन याद करो -२
वो फूलों की छैंया वो मौसम सुहाना
वो दिन याद करो

र : फिरते थे आज़ाद हम तो चमन में -२
चाँद और सूरज हैं जैसे गगन में
अब तो ये जीवन है उलझन की सीमा
धड़के मेरा दिल अब धीमा-धीमा
वो दिन याद ...

ल : जब मैं कली थी तब ही भली थी -२
ना कोई ग़म था ना बेकली थी
मेरी गली से तेरा गुज़रना
नैनों के रस्ते दिल में उतरना
वो दिन याद ...

र : हम तो वहीं हैं दिन वो कहाँ हैं
दिल तो हमारे अब भी जवाँ हैं
दिल में ही तड़पे अरमान सारे
प्यासे के प्यासे नदिया किनारे
वो दिन याद ...

वो भूली दास्ताँ लो फ़िर आ गई ...फ़िल्म :: संजोग

वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गई - २
नज़र के सामने घटा सी छा गयी - २
वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी

कहाँ से फिर चले आये, वो कुछ भटके हुए साये
वो कुछ भूले हुए नग़मे, जो मेरे प्यार ने गाये
वो कुछ बिखरी हुई यादें, वो कुछ टूटे हुए नग़मे
पराये हो गये तो क्या, कभी ये भी तो थे अपने
न जाने इनसे क्यों मिलकर, नज़र शर्मा गयी
वो भूली ...

बड़े रंगीन ज़माने थे, तराने ही तराने थे
मगर अब पूछता है दिल, वो दिन थे या फ़साने थे
फ़क़त इक याद है बाकी, बस इक फ़रियाद है बाकी
वो खुशियाँ लुट गयी लेकिन, दिल-ए-बरबाद है बाकी
कहाँ थी ज़िन्दगी मेरी, कहाँ पर आ गयी
वो भूली ...

उम्मीदों के हँसी मेले, तमन्नाओं के वो रेले
निगाहों ने निगाहों से, अजब कुछ खेल से खेले
हवा में ज़ुल्फ़ लहराई, नज़र पे बेखुदी छाई
खुले थे दिल के दरवाज़े, मुहब्बत भी चली आई
तमन्नाओं की दुनिया पर, जवानी छा गयी
वो भूली ...

वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी - २
नज़र के सामने घटा सी छा गयी - २
वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी

वक़्त से दिन और रात ...फ़िल्म : वक़्त

वक़्त से दिन और रात
वक़्त से कल और आज
वक़्त की हर शै ग़ुलाम
वक़्त का हर शै पे राज

वक़्त की पाबन्द हैं
आती जाती रौनकें
वक़्त है फूलों की सेज
वक़्त है काँटों का ताज
वक़्त से दिन और रात ...

आदमी को चाहिये
वक़्त से डर कर रहे
कौन जाने किस घड़ी
वक़्त का बदले मिज़ाज
वक़्त से दिन और रात ...

वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते ..फ़िल्म : दिल ने पुकारा

वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते
हम भी ग़ैरों की तरह आप को पयारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा ...

अपनी तक़दीर में पहले ही कूछ तो ग़म हैं
और कुछ आप की फ़ितरत में वफ़ा भी कम है
वरन जीती हुई
वरन जीती हुई बाज़ी तो ना हारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा ...

हम भी प्यासे हैं ये साक़ी को बता भी न सके
सामने जाम था और जाम उठा भी न सके
काश ग़ैरत-ए- महफ़िल के न मारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा ...

दम घुटा जाता है सीने में फिर भी ज़िंदा हैं
तुम से क्या हम तो ज़िंदगी से भी शर्मिन्दा हैं
मर ही जाते जो न यादों के सहारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा ...

Sunday, December 21, 2008

वहाँ कौन है तेरा मुसाफिर जायेगा कहाँ ..फ़िल्म : गाइड

वहाँ कौन है तेरा, मुसाफ़िर, जायेगा कहाँ
दम लेले घड़ी भर, ये छैयां, पायेगा कहाँ
वहां हौन है तेरा ...

बीत गये दिन, प्यार के पलछिन
सपना बनी वो रातें
भूल गये वो, तू भी भुला दे
प्यार की वो मुलाक़ातें - २
सब दूर अन्धेरा, मुसाफ़िर जायेगा कहाँ ...

कोइ भी तेरी, राह न देखे
नैन बिछाये ना कोई
दर्द से तेरे, कोई न तड़पा
आँख किसी की ना रोयी - २
कहे किसको तू मेरा, मुसाफ़िर जायेगा कहाँ ...

कहते हैं ज्ञानी, दुनिया है फ़ानी
पानी पे लिखी लिखायी
है सबकी देखी, है सबकी जानी
हाथ किसीके न आयी - २
कुछ तेरा ना मेरा, मुसाफ़िर जायेगा कहाँ ...

वादियाँ मेरा दामन रास्ते मेरी बाहें ,,फ़िल्म : अभिलाषा

वादियां मेरा दामन, रास्ते मेरी बाहें
जाओ मेरे सिवा, तुम कहाँ जाओगे
वादियां मेरा दामन...

जब चुराओगे तन तुम किसी बात से
शाख-ए-गुल छेड़ेगी मेरे हाथ से
अपने ही ज़ुल्फ को और उलझाओगे
वादियां मेरा दामन...

जबसे मिलने लगी तुमसे राहें मेरी
चाँद सूरज बनी दो निगाहें मेरी
तुम कहीं भी रहो, तुम नज़र आओगे
वादियां मेरा दामन...

वो सुबह कभी तो आएगी ....फ़िल्म : फिर सुबह होगी

वो सुबह कभी तो आयेगी, वो सुबह कभी तो आयेगी
इन काली सदियों के सर से, जब रात का आंचल ढलकेगा
जब अम्बर झूम के नाचेगी, जब धरती नग़मे गाएगी
वो सुबह कभी तो आयेगी ...

जिस सुबह की खातिर जुग-जुग से,
हम सब मर-मर के जीते हैं
जिस सुबह की अमृत की धुन में, हम ज़हर के प्याले पीते हैं
इन भूखी प्यासी रूहों पर, एक दिन तो करम फ़रमायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी ...

माना के अभी तेरे मेरे इन अरमानों की, कीमत कुछ नहीं
मिट्टी का भी है कुछ मोल मगर,
इनसानों की कीमत कुछ भी नहीं
इनसानों की इज़्ज़त जब झूठे सिक्कों में ना तोली जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी ...

दौलत के लिये अब औरत की, इस्मत को ना बेचा जायेगा
चाहत को ना कुचला जायेगा, गैरत को ना बेचा जायेगा
अपनी काली करतूतों पर, जब ये दुनिया शरमायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी ...

बीतेंगे कभी तो दिन आखिर, ये भूख और बेकारी के
टूटेंगे कभी तो बुत आखिर, दौलत की इजारेदारी की
अब एक अनोखी दुनिया की, बुनियाद उठाई जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी ...

मजबूर बुढ़ापा जब सूनी, राहों में धूल न फेंकेगा
मासूम लड़कपन जब गंदी, गलियों में भीख ना माँगेगा
हक माँगने वालों को, जिस दिन सूली न दिखाई जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी ...

वो चाँद खिला वो तारें हँसे ..:फ़िल्म : अनाड़ी

वो चाँद खिला, वो तारे हँसे
ये रात अजब मतवाली है
समझने वाले समझ गये हैं
न समझे, न समझे वो अनाड़ी हैं
वो चाँद खिला ...

चाँदी सी चमकती राहें
वो देखो झूम झूम के बुलायें
किरणों ने पसारी बाहें
कि अरमाँ नाच नाच लहराये
बाजे दिल के तार, गाये ये बहार
उभरे है प्यार जीवन में
वो चाँद खिला ...

किरणो.द ने चुनरिया तानी
बहारें किस पे आज हैं दीवानी
चन्दा की चाल मसतानी
है पागल जिसपे रात की रानी
तारों का जाल, ले ले दिल निकाल
पूचो न हाल मेरे दिल का
वो चाँद खिला ...

वक़्त ने किया क्या हसीं सितम :: फ़िल्म : कागज़ के फूल

वक़्त ने किया क्या हंसीं सितम
तुम रहे न तुम हम रहे न हम
वक़्त ने किया...

बेक़रार दिल इस तरह मिले
जिस तरह कभी हम जुदा न थे
तुम भी खो गए, हम भी खो गए
एक राह पर चलके दो क़दम
वक़्त ने किया...

जाएंगे कहाँ पूछता नहीं
चल पड़े मगर रास्ता नहीं
क्या तलाश है कुछ पता नहीं
बुन रहे हैं दिल ख़्वाब दम-ब-दम
वक़्त ने किया...

Thursday, December 18, 2008

उडे जब जब जुल्फें तेरी : फ़िल्म : नया दौर

उड़ें जब जब ज़ुल्फ़ें तेरी - २
हो, उड़ें जब जब ज़ुल्फ़ें तेरी - २
कुँवारियों का दिल मचले -२
जिन्द मेरिये

हों जब ऐसे चिकने चेहरे - २
तो कैसे न नज़र फिसले -२
जिन्द मेरिये

हो, रुत प्यार करन की आई - २
के बेरियों के बेर पक गये - २
जिंद मेरिये

कभी डाल इधर भी फेरा - २
के तक-तक नैन थक गये -२
जिन्द मेरिये

हो, उस गाँव से सँवर कभी सद्क़े - २
के जहाँ मेरा यार बसता - २
जिंद मेरिये

पानी लेने के बहाने आजा - २
के तेरा मेरा इक रस्ता -२
जिन्द मेरिये

हो, तुझे चाँद के बहाने देखूँ - २
तू छत पर आजा गोरिये - २
जिंद मेरिये
अभी छेड़ेंगे गली के सब लड़के - २
के चाँद बैरी छिप जाने दे -२
जिन्द मेरिये

हो, तेरी चाल है नागिन जैसी- २
रे जोगी तुझे ले जायेंगे - २
जिंद मेरिये

जायेँ कहीं भी मगर हम सजना - २
यह दिल तुझे दे जायेंगे -२
जिन्द मरिये

उदास उदास फिजाओं में ( आनाही पडेगा ) फ़िल्म : लाल रुख

उदास उदास फ़िज़ाओं में नूर छलकाओ
बुझे बुझे हुए तारों को हँस के चमकाओ
ग़ुरुर-ए-हुस्न सलामत न राह दिखलाओ
रबग डूब गया, खूने अब तो आ जाओ (?)

आना ही पड़ेगा, आना ही पड़ेगा
सर इश्क़ के कदमों पे झुकाना ही पड़ेगा
आना ही पड़ेगा

( नगमा मेरा हर साँस में रस घोल रहा है
इस साँस के परदे में खुदा बोल रहा है ) - २
छेड़ा है अगर साज़ तो गाना ही पड़ेगा - २
सर इश्क़ के कदमों पे झुकाना ही पड़ेगा
आना ही पड़ेगा
आना ही पड़ेगा आ आ

( टपकेगा लहू दर्द भरे राग से कब तक
खेलेगी तेरी मस्त अदा आग से कब तक ) - २
इस खेल में अब हाथ जलाना ही पड़ेगा - २
सर इश्क़ के कदमों पे झुकाना ही पड़ेगा
आना ही पड़ेगा
आना ही पड़ेगा आ आ

( उल्फ़त कभी दुनिया से डरेगी ना डरी है
फूलों से जवानी ने सदा माँग भरी है ) - २
हँसने के लिये ज़ख्म तो खाना ही पड़ेगा - २
आना ही पड़ेगा - ४

उनसे मिली नजर के मेरे होश उद्गाये ...फ़िल्म : आन मिलो सजना

उनसे मिली नज़र के मेरे होश उड़ गये -२
ऐसा हुआ असर -२
ऐसा हुआ असर के मेरे होश उड़ गये
उनसे मिली नज़र के मेरे होश उड़ गये

( जब वो मिले मुझे पहली बार
उनसे हो गईं आँखें चार ) -२
पास ना बैठे पल भर वो
फिर भी हो गया उनसे प्यार -२
इतनी थी बस ख़बर -२
इतनी थी बस ख़बर के मेरे होश उड़ गये
उनसे मिली नज़र के मेरे होश उड़ गये

( उनकी तरफ़ दिल खिंचने लगा
बढ़ के कदम फिर रुकने लगा ) -२
काँप गई मैं जाने क्यूँ
अपने आप दम घुटने लगा -२
छाये वो इस कदर
छाये वो इस कदर के मेरे होश उड़ गये
उनसे मिली नज़र के मेरे होश उड़ गये

( घर मेरे आया वो मेहमान
दिल में जगाये सौ तूफ़ान ) -२
देख के उनकी सूरत को
हाय रह गई मैं हैरान
तड़पूँ इधर उधर
तड़पूँ इधर उधर के मेरे होश उड़ गये
उनसे मिली नज़र के मेरे होश उड़ गये
ऐसा हुआ असर -२
ऐसा हुआ असर के मेरे होश उड़ गये
उनसे मिली नज़र के मेरे
होश उड़ गये

उसको नही देखा हमने कभी ..फ़िल्म : दादीमा

महे: उस को नहीं देखा हमने कभी
पर इसकी ज़रूरत क्या होगी
दोनो: ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
उस को नहीं देखा हमने कभी...

मन: इनसान तो क्या देवता भी
आँचल में पले तेरे
है स्वर्ग इसी दुनिया में
कदमों के तले तेरे
ममता ही लुटाये जिसके नयन, हो...
दोनो: ममता ही लुटाये जिसके नयन
ऐसी कोई मूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी...

महे: क्यों धूप जलाये दुखों की
क्यों ग़म की घटा बरसे
ये हाथ दुआओं वाले
रहते हैं सदा सर पे
तू है तो अंधेरे पथ में हमें, हो...
दोनो: तू है तो अंधेरे पथ में हमें
सूरज की ज़रूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी...

दोनो: कहते हैं तेरी शान में जो
कोई ऊँचे बोल नहीं
भगवान के पास भी माता
तेरे प्यार का मोल नहीं
हम तो यही जाने तुझसे बड़ी, हो...
हम तो यही जाने तुझसे बड़ी
संसार की दौलत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी...

ऊँचे हिमालय के निचे ...फ़िल्म : हिमालय की गोद में

( ऊँचे हिमालय के नीचे
छुप के चनारों के पीछे
सोए रहेंगे मेरे सपने ) -२
कब तक यूँ ही अँखियाँ मीचे-मीचे
हो ऊँचे हिमालय के ...

ऐसे रहे ये मनवा व्याकुल
क़ैद में जैसे कोई बुलबुल
अब ना भाएँ मुझको बाबुल
ये तेरे बाग़-बग़ीचे
ऊँचे हिमालय के ...

धूप से खेले ऐसे छईयाँ
प्यार में जैसे कोई सैंया
थाम ले कँगना वाली बईयाँ -२
पनघट पे पीपल के नीचे-नीचे
ऊँचे हिमालय के ...

उठे सब के कदम तारा रम पं पं ..फ़िल्म : बातो बातो में

उठे सबके कदम, तरा रम-पम-पम
अजी ऐसे गीत गाया करो
कभी खुशी कभी ग़म, तरा रम-पम-पम
हंसों और हंसाया करो

वो प्यारे दिन और वो प्यारी रातें
याद हमे हैं वो मुलाकातें
नहीं कोई ग़म मुझे नहीं है गिला
ज़िंदगी की राह में मिला है जबसे तू मेरे हमदम
शबनम हम हैं और तुम शोला बन जाया करो
कभी खुशी ...

रँग नया है रूप नया है
जीने का तो जाने कहाँ ढंग गया है
किसे है फ़िकर इन्हें क्या पसंद
प्यार के जहाँ में रज़ामंद जब हम तुम तुम हम
बन गए हैं सनम बेधड़क मेरे घर आया करो
कभी खुशी ...

ला ला ...

उधर तुम हसीं हो इधर दिल जवान है : फ़िल्म : mr & mrs 55

र : उधर तुम हसीं हो इधर दिल जवाँ है
ये रंगीन रातों की एक दास्ताँ है
गी : ये कैसा है नग़्मा ये क्या दास्ताँ है
बता ए मोहब्बत मेरा दिल कहाँ है

र : मेरे दिल में आई हुई है बहार
क़यामत है फिर क्यूँ करूँ इन्तज़ार
गी : मोहब्बत कुछ ऐसी सज़ा दे रही है
कि खुद रात अंगड़ाई ले रही है
जिधर देखती हूँ नज़ारा जवाँ है
र : उधर तुम हसीं हो ...

लगती हैं तारों की परछाइयाँ
बुरी हैं मुहब्बत की तनहाइयाँ
गी : महकने लगा मेरी ज़ुल्फ़ों में कोई
लगीं जागने धड़कनें खोई-खोई
मेरी हर नज़र आज दिल की ज़ुबाँ है
र : उधर तुम हसीं हो ...

र : तरसता हूँ मैं ऐसे दिलदार को
जो दिल में बसा ले मेरे प्यार को
गी : तेरे ख़्वाब हैं मेरी रातों पे छाए
मेरे दिल पे हैं तेरी पलकों के साए
कि मेरे लबों पे तेरी दास्ताँ है
र : उधर तुम हसीं हो ...

Wednesday, December 17, 2008

तुम आगये हो नूर आ गया है ;;फ़िल्म : आंधी

किशोर: तुम आ गए हो नूर आ गया है - २
नहीं तो चराग़ों से लौ जा रही थी
लता: जीने कि तुमसे वजह मिल गई है
बड़ी बेवजह ज़िंदगी जा रही थी
किशोर: तुम आ गए हो नूर आ गया है

किशोर: कहाँ से चले कहाँ के लिये
ये खबर नहीं थी मगर
कोइ भी सिरा जहाँ जा मिला
वहीं तुम मिलोगे
के हम तक तुम्हारी दुआ आ रही थी
तुम आ गये हो नूर आ गया हैं
लता: नहीं तो चराग़ों से लौ जा रही थी
तुम आ गए हो नूर आ गया हैं

लता: दिन डूबा नहीं रात डूबी नहीं
जाने कैसा है सफ़र
ख़्वाबों के दिये आँखों में लिये
वहीं आ रहे थे
जहाँ से तुम्हारी सदा आ रही थी
तुम आ गये हो नूर आ गया हैं
नहीं तो चरागों से लौ जा रही थी

तेरे बिना जिंदगी से कोई ...फ़िल्म : आंधी

लता: तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं,
शिकवा नहीं
शिकवा नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिन, ज़िंदगी, तो नहीं,
ज़िंदगी नहीं
ज़िंदगी नहीं, ज़िंदगी नहीं

(काश ऐसा हो तेरे कदमों से, चुन के मंज़िल चले
और कहीं दूर कहीं ) - २
तुम गर साथ हो, मंज़िलों की कमी तो नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं, शिकवा नहीं

(जी में आता है, तेरे दामन में, सर छुपा के हम
रोते रहें, रोते रहें ) - २
तेरी भी आँखों में, आँसुओं की नमी तो नहीं
किशोर: तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं,
शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिन, ज़िंदगी, तो नहीं,
ज़िंदगी नहीं

तुम जो कह दो तो आजकी रात, चांद डूबेगा नहीं,
रात को रोक लो
रात कि बात है, और ज़िंदगी बाकी तो नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिन, ज़िंदगी, तो नहीं,
ज़िंदगी नहीं

तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती ....फ़िल्म : कभी कभी

तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती नज़ारे हम क्या देखें
तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती नज़ारे हम क्या देखें

पिघले बदन तेरे तपती निगाहों से
शोलों की आँच आए बर्फ़ीली राहों से
लगे कदमों से आग लिपटती नज़ारे हम ...

रंगों की बरखा है खुशबू का साथ है
किसको पता है अब दिन है की रात है
लगे दुनिया भी आज सिमटती नज़ारे हम ...

पलकों पे फैला तेरी पलकों का साया है
चेहरे ने तेरे मेरा चेहरा छुपाया है
तेरे जलवों की धुँध नहीं छँटती नज़ारे हम ...

तेरे चेहरे में ओ जादू है ...फ़िल्म : धर्मात्मा

तेरे चेहरे में वो जादू है, बिन डोर खिंचा जाता हूँ
जाना होता है और मगर, तेरी और चला आता हूँ

जब से तुझको देखा है, देख के खुद को माना है
मानके दिल ये कहता है, मेरी खुशियों का तू है खजाना
पाना तुझको मुश्किल ही सही, पाने को मचल जाता हूँ
तेरे चेहरे में ...

तेरी हीरे जैसे आँखें, आँखों में है लाखों बातें
बातों में रस की बरसातें, मुझमें प्यार की प्यास जगाये
चल पड़ते हैं तेरे साथ कदम, मैं रोक नहीं पाता हूँ
तेरे चेहरे में ...

तेरे कारण तेरे कारण ...फ़िल्म : आन मिलो सजना

तेरे कारण, तेरे कारण
तेरे कारण मेरे साजन
जाग के फिर सो गयी
सपनों में खो गयी
आग लगे सारी दुनिया को
मैं तेरी हो गयी रे बालम
तेरे कारण, तेरे कारण ...

आजा ...

प्रीतम कितना ही बुलाये
न जानू लाज ने रोका
पर आधी रात में उठके
उठके मिलते ही मौका
ये गयी वो गयी
सपनों में खो गयी
आग लगे सारी दुनिया को ...

निकली ये सोच के घर से
सैंय्या से मिल आऊँगी
पल दो पल ठहर के जळी
मैं वापस आ जाऊँगी
पिया मिलन को गयी
तो सपनों में खो गयी
आग लगे सारी दुनिया को ...

रंग लाया चोरी चोरी
ये मिलना तेरा मेरा
रातों का पता चला न
बातों में हुआ सवेरा
हाय! नींद मेरी तो गयी
सपनों में खो गयी
आग लगे सारी दुनिया को ...

तेरे मेरे मिलन की ये रैना ...फ़िल्म :अभिमान

कि:तेरे मेरे मिलन की ये रैना -२
नया कोई गुल खिलायेगी -२
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना
देखो ना देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना
ल: आऽ आऽ
( नन्हा सा गुल खिलेगा अँगना
सूनी बय्याँ सजेगी सजना ) - २
कि: जैसे खेले चंदा बादल में
खेलेगा वो तेरे आंचल में
ल: चंदनिया गुनगुनायेगी - २
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना
देखो ना
दो: देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना
कि: ( तुझे थामे कई हाथों से
मिलूंगा मदभरी रातों से ) - २
ल: जगा के अनसुनी सी धड़कन
बलमवा भर दूंगी तेरा मन
कि: नई अदा से सतायेगी - २
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना
देखो ना
दो: देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना
नया कोई गुल खिलायेगी -२
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना
देखो ना देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना

तेरी बिंदिया रे....हाय हाय ...फ़िल्म : अभिमान

रफ़ी: ह्म्म्म..., ओ...
तेरी बिंदिया रे
रे आय हाय
तेरी बिंदिया रे - २
रे आय हाय
लता: सजन बिंदिया ले लेगी तेरी निंदिया
रफ़ी: रे आय हाय
तेरी बिंदिया रे

रफ़ी: तेरे माथे लगे हैं यूँ, जैसे चंदा तारा
जिया में चमके कभी कभी तो, जैसे कोई अन्गारा
तेरे माथे लगे हैं यूँ
लता: सजन निंदिया...
सजन निंदिया ले लेगी ले लेगी ले लेगी
मेरी बिंदिया
रफ़ी: रे आय हाय
तेरा झुमका रे
रे आय हाय
तेरा झुमका रे
लता: चैन लेने ना देगा सजन तुमका
रे आय हाय मेरा झुमका रे

लता: मेरा गहना बलम तू, तोसे सजके डोलूं
भटकते हैं तेरे ही नैना, मैं तो कुछ ना बोलूं
मेरा गहना बलम तू
रफ़ी: तो फिर ये क्या बोले है बोले है बोले है
तेरा कंगना
लता: रे आय हाय
मेरा कंगना रे
बोले रे अब तो छूटे न तेरा अंगना
रफ़ी: रे आय हाय
तेरा कंगना रे

रफ़ी: तू आयी है सजनिया, जब से मेरी बनके
ठुमक ठुमक चले है जब तू, मेरी नस नस खनके
तू आयी है सजनिया
लता: सजन अब तो
सजन अब तो छूटेना छूटेना छूटेना
तेरा अंग्ना
रफ़ी: रे आय हाय
तेरा कंगना रे
लता: सजन अब तो छूटेना तेरा अंगना
रे आय हाय
तेरा अंगना रे

तेरी दुनिया से होके मजबूर चला ...फ़िल्म : पवित्र पापी

तेरी दुनिया से हो के मजबूर चला
मैं बहुत दूर, बहुत दूर, बहुत दूर चला
तेरी दुनिया से ...

इस क़दर दूर हूँ मैं लौट के भी आ न सकूँ
ऐसी मंज़िल कि जहाँ खुद को भी मैं पा न सकूँ
और मजबूरी है क्या, इतना भी बतला न सकूँ
तेरी दुनिया से ...

आँख भर आयी अगर, अश्क़ों को मैं पी लूँगा
आह निकली जो कभी, होंठों को मैं सी लूँगा
तुझसे वादा है किया, इस लिये मैं जी लूँगा
तेरी दुनिया से ...

खुश रहे तू है जहां ले जा दुआएं मेरी
तेरी राहों से जुदा हो गयी राहें मेरी
कुच नहीं पास मेरे, बस हैं खताएं मेरी
तेरी दुनिया से ...

तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम ...फ़िल्म : हवस

तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम, आज के बाद
तेरे मिलने को न आएंगे सनम, आज के बाद
तेरी गलियों में ना ...

तू मेरा मिलना ...
तू मेरा मिलना समझ लेना एक सपना था
तुझको आखिर मिल ही गया जो तेरा अपना था
हम को दुनिया में समझना ना सनम, आज के बाद
तेरे मिलने को ना आएंगे सनम, आज के बाद

गिर के आएंगी ...
गिर के आएंगी घटाएं फिर से सावन की
तुम तो बाहों में रहोगी अपने साजन की
गले हम ग़म को लगाएंगे सनम, आज के बाद
तेरे मिलने को ना आएंगे सनम, आज के बाद

Tuesday, December 16, 2008

तुम भी चलो हम भी चले ...फ़िल्म : ज़ंजीर

तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी - २
ना ज़मीं मंज़िल, ना आसमां, ज़िन्दगी है ज़िन्दगी
तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी

पीछे देखें ना, कभी मुड़ के राहों में, हो
झूमे मेरा दिल, तुम्हें लेके बाहों में, हो
धड़कनों की ज़ुबां, नित काहे दास्तां
प्यार की झिल-मिल छाओं में, पलती रहे ज़िन्दगी
तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी
बहते चले हम, मस्ती के धारों में, हो
गूंजे यही धुन, सदा दिल के तारों में, हो
अब रुके ना कहीं, प्यार का कारवां
नित नई रुत के रंग में, ढलती रहे ज़िन्दगी
तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी
ना ज़मीं मंज़िल, ना आसमां, ज़िन्दगी है ज़िन्दगी
तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी
अब यहाँ कोई नहीं, कोई नहीं आयेगा

तुम कितनी खूब सूरत हो ..फ़िल्म : जंगल में मंगल

तुम कितनी खूबसूरत हो
ये मेरे दिल से पूछो
इन धड़कनों से पूछो तुम
क्यों दिल है तुमसे दीवाना

शरमा रही हो जाना
बल खा रही हो जाना
मुझे मानो या ना मानो
अपना तो तुम्ही को माना

कभी दूर जाके लूटा
कभी पास आके लूटा
जो सितम की आज तुमने
मुझे मुस्कुराके लूटा

तुम मुझे यूँ बुला न पावोगे ...फ़िल्म : पगला कहीं का

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे
संग संग तुम भी गुनगुनाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

(वो बहारें वो चांदनी रातें
हमने की थी जो प्यार की बातें ) - २
उन नज़ारों की याद आएगी
जब खयालों में मुझको लाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

(मेरे हाथों में तेरा चेहरा था
जैसे कोई गुलाब होता है ) - २
और सहारा लिया था बाहों का
वो शाम किस तरह भुलाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

(मुझको देखे बिना क़रार ना था
एक ऐसा भी दौर गुज़रा है ) - २
झूठ मानूँ तो पूछलो दिल से
मैं कहूंगा तो रूठ जाओगे
हाँ तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे

जब कभी भी ...

तू जो मेरे सुर में सुर मिला ले...फ़िल्म : चित चोर

ये: तू जो मेरे सुर में -२
सुर मिला ले, संग गा ले
तो ज़िंदगी हो जाए सफ़ल
हे: तू जो मेरे मन का -२
घर बना ले, मन लगा ले
तो बंदगी हो जाए सफ़ल
दोनों: तू जो मेरे सुर में

ये: चाँदनी रातों में, हाथ लिए हाथों में
हे: चाँदनी रातों में, हाथ लिए हाथों में
दोनों: डूबे रहें एक दूसरे की, रस भरी बातों में
ये: तू जो मेरे संग में -२
मुस्कुरा ले, गुनगुना ले
तो ज़िंदगी हो जाए सफ़ल

हे: तू जो मेरे मन का...
दोनों: तू जो मेरे सुर में...

हे: क्यों हम बहारों से, खुशियाँ उधार लें
ये: क्यों हम बहारों से, खुशियाँ उधार लें
दोनों: क्यों न मिलके हम खुद ही अपना जीवन सुधार लें
हे: तू जो मेरे पथ में -२
दीप गा ले ओ उजाले
तो बंदगी हो जाए सफ़ल

ये: तू जो मेरे सुर में -२
सुर मिला ले, संग गा ले
तो ज़िंदगी हो जाए सफ़ल

Sunday, December 14, 2008

तक़दीर का फ़साना जाकर किसे सुनाएं ..फ़िल्म : सेहरा

तक़दीर का फ़साना जाकर किसे सुनाएं
इस दिल में जल रही हैं अरमान की चिताएं

साँसों में आज मेरे तूफ़ान उठ रहे हैं
शहनाईओं से कह दो कहीं और जा के गाएं
इस दिल में जल रही हैं अरमान की चिताएं

मतवाले चाँद सूरज तेरा उठाये डोला
तुझको खुशी की परियाँ घर तेरे ले के जाएं
इस दिल में जल रही हैं अरमान की चिताएं

तुम तो रहो सलामत सेहरा तुम्हे मुबारक
मेरा हर एक आँसू देने लगा दुआएं
इस दिल में जल रही हैं अरमान की चिताएं

तस्वीर तेरी दिल में जिसदिन से उतारी हूँ : फ़िल्म : माया

लता: तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है
फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके
सपनों की महफ़िल में ...
रफ़ी: तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है
फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके
सपनों की महफ़िल में ...
लता: (माथे की बिंदिया तू है सनम
नैनों का कजरा पिया तेरा ग़म ) - २
नैन के नीचे नीचे, रहूँ तेरे पीछे पीछे
चलूं किसी मंज़िल में ...
तसवीर तेरी दिल में ...
रफ़ी: (तुमसे नज़र जब गयी है मिल
जहाँ है कदम तेरे वहीं मेरा दिल ) - २
झुके जहाँ पलकें तेरी, खुले जहाँ ज़ुल्फ़ें तेरी
रहूँ उसी मंज़िल में ...
रफ़ी & लता: तसवीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है ...

तौबा ऐ मतवाली चाल ..फ़िल्म : पत्थर के सनम

तौबा ये मतवाली चाल, झुक जाए फूलों की डाल
चाँद और सूरज आकर माँगें, तुझसे रँग-ए-जमाल
हसीना! तेरी मिसाल कहाँ

सितम ये अदाओं की रानाइयाँ हैं
कयामत है क्या तेरी अँगड़ाइयाँ हैं
बहार-ए-चमन हो, घटा हो धनक हो
ये सब तेरी सूरत की परछैयाँ हैं
के तन से, उड़ता गुलाल कहाँ

हूँ मैं भी दीवानों का इक शहज़ादा
तुझे देखकर, हो गया कुछ ज़्यादा
ख़ुदा के लिए मत बुरा मान जाना
ये लब छू लिये हैं, यूँ ही बे-इरादा
नशे में इतना ख़याल कहाँ

यही दिल में है तेरे नज़दीक आ के
मिलूँ तेरे पलकों पे पलके झुका के
जो तुझ सा हसीं सामने हो तो कैसे
चला जाऊँ पहलू में दिल को दबा के
कि मेरी इतनी मजाल कहाँ

Saturday, December 13, 2008

तेरा मेरा प्यार अमर फ़िर क्यूँ मुझको लगता है डर ..फ़िल्म : असली नाख्ली

तेरा मेरा प्यार अमर, फिर क्यों मुझको लगता है डर
मेरे जीवन साथी बता, दिल क्यों धड़के रह-रह कर

क्या कहा है चाँद ने, जिसको सुनके चाँदनी
हर लहर पे झूमके, क्यों ये नाचने लगी
चाहत का है हरसू असर, फिर क्यों मुझको लगता है डर

कह रहा है मेरा दिल, अब ये रात न ढले
खुशियों का ये सिलसिला, ऐसे ही चला रहे
तुझको देखूँ देखूँ जिधर, फिर क्यों मुझको लगता है डर

है शबाब पर उमंग, हर खुशी जवान है
मेरी दोनों बाहों में, जैसे आस्मान है
चलती हूँ मैं तारों पर, फिर क्यों मुझको लगता है डर

तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ : फ़िल्म : लीडर

रफ़ी:
तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ
कुछ कहते हुए भी डरता हूँ

तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ
तेरे हुस्न की
तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ
कुछ कहते हुए भी डरता हूँ
कहीं भूल से तू ना समझ बैठे
की मैं तुझसे मोहब्बत करता हूँ

लता: मेरे दिल में कसक सी होती है, मेरे दिल में
मेरे दिल में कसक सी होती है
तेरे राह से जब मैं गुज़रती हूँ
इस बात से ये ना समझ लेना
की मैं तुझसे मोहब्बत करती हूँ

रफ़ी: (तेरी बात मे गीतों की सरगम
तेरी चाल मे पायल की छम छम ) - २
कोई देख ले तुझको एक नजर - २
मर जाएं तेरी आँखों कसम
मैं भी हूँ अजब इक दीवाना
मरता हूँ ना आहें भरता हूँ
कहीं भूल से तू ना समझ बैठे
की मैं तुझसे मोहब्बत करता हूँ

दोनो: आ...

लता: (मेरे सामने जब तू आता है
जी धक से मेरा हो जाता है ) - २
लेती है तमन्ना अंगड़ायी - २
दिल जाने कहाँ खो जाता है
महसूस ये होता है मुझको
जैसे मैं तेरा दम भरती हूँ
इस बात से ये ना समझ लेना
की मैं तुझसे मोहब्बत करती हूँ

रफ़ी: तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूं
कुछ कहते हुए भी डरता हूँ
कहीं भूल से तू ना समझ बैठे
की मैं तुझसे मोहब्बत करता हूँ

तेरे ख्यालों में हम ...फ़िल्म : गीत गाया पत्थरों ने

तेरे खयालों में हम, तेरे ही बाहों में हम -२
अपने हैं दोनो जहाँ, ओ जान-ए-बेखुदी यहाँ
तेरे खयालों ...

यूँ रोशनी भोर की, पलकों में तेरे छुपी
जब आँख खोलेगा तू, पुतली में होंगे हमीं
हम हैं कला की जगह, आँखों में तेरे रवन

तेरे खयालों में हम, तेरे ही बाहों में हम
मदभर चंचल ये शाम, देती है तुझको पयाम
पत्थर से कर शायरी, तुझको हमारा सलाम
तू है जहाँ हम वहाँ, झूमे ज़मीं आस्मां

तेरे खयालों में हम, तेरे ही बाहों में
हम

तेरे मेरे सपने अब एक रंग है ...फ़िल्म : गाइड

तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
हो जहाँ भी ले जाएं राहें, हम संग हैं

तेरे मेरे दिल का, तय था इक दिन मिलना
जैसे बहार आने पर, तय है फूल का खिलना
ओ मेरे जीवन साथी...

तेरे दुख अब मेरे, मेरे सुख अब तेरे
तेरे ये दो नैना, चांद और सूरज मेरे
ओ मेरे जीवन साथी...

लाख मना ले दुनिया, साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में, हाथ न ये छूटेगा
ओ मेरे जीवन साथी...

तेरे नैना तलाश करे जिसे ..फ़िल्म : तलाश

खोयी खोयी आँख है झुकी पलक है
जहाँ जहाँ देखेगा तू वहीं झलक है
खोयी खोयी ...

तेरे नैना तलाश करे जिसे
वो है तुझी में कहीं दीवाने
तेरे नैना ...

यहाँ दो रूप हैं हर एक के
यहाँ नज़रें उठाना ज़रा देख के
ओ जब उस की मुहब्बत में गुम है तू
वही सूरत नज़र आयेगी चार सू
कौन क्या है मन के सिवा ये कोई क्या जाने
तेरे नैना ...

ये जवान रात ले के तेरा नाम
कहे हाथ बढ़ा कोई हाथ थाम

ओ काली अलका के बादल में बिजलियाँ
गोरी बाहों में चाहत की अंगड़ाइयाँ
जो अदा है इशारा है प्यार का
ओ दीवाने तुझे चाहिये और क्या
पर रुक जा मन की सदा भी सुन दीवाने
तेरे नैना ...

तेरे पास आके मेरा वक्त जुजर जाता है ..फ़िल्म ; नीला आकाश

र : तेरे पास आ के मेरा वक़्त गुज़र जाता है
दो घड़ी के लिए ग़म जाने किधर जाता है
आ : जब कभी दूर से तू मुझको नज़र आता है
प्यार हँस कर मेरी आँखों में सँवर जाता है
र : तेरे पास आ के ...

आ : तू वही है जिसे इस दिल ने सदाएँ दी हैं -२
तू वही है जिसे नज़रों ने दुआएँ दी हैं
तू वही है कि जो दिल ले के मुक़र जाता है
र : दो घड़ी के लिए ...
दो : तेरे पास आ के ...

र : जाम इतने तेरी मस्ती भरी आँखों से पिए -२
बेखुदी में तुझे सजदे मेरी नज़रों ने किए
तेरे जलवों में ख़ुदा मुझको नज़र आता है
आ : प्यार हँस कर ...
दो : तेरे पास आ के ...

आ : तेरी याद आते ही घबरा के चली आती हूँ -२
मैं हर इक क़ैद को ठुकरा के चली आती हूँ
मैं नहीं आती मुझे प्यार इधर लाता है
र : दो घड़ी के लिए ...
दो : तेरे पास आ के ...

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रख्खा क्या है : फ़िल्म : चिराग

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
ये उठें सुबह चले, ये झुकें शाम ढले
मेरा जीना मेरा मरना इन्हीं पलकों के तले
तेरी आँखों के सिवा ...

(रफ़ी)
पलकों की गलियों में चेहरे बहारों के हँसते हुए
हैं मेरे ख़ाबों के क्या-क्या नगर इनमें बसते हुए
ये उठें सुबह चले ...

इनमें मेरे आनेवाले ज़माने की तस्वीर है
चाहत के काजल से लिखी हुई मेरी तक़दीर है
ये उठें सुबह चले ...

(लता)
ठोकर जहाँ मैने खाई इन्होंने पुकारा मुझे
ये हमसफ़र हैं तो काफ़ी है इनका सहारा मुझे
ये उठें सुबह चले ...

ये हों कहीं इनका साया मेरे दिल से जाता नहीं
इनके सिवा अब तो कुछ भी नज़र मुझको आता नहीं
ये उठें सुबह चले ...

Friday, December 12, 2008

तेरी दुनिया से दूर चले होके मजबूर ...फ़िल्म : ज़बक

तेरी दुनिया से दूर, चले होके मजबूर, हमें याद रखना
जाओ कहीं भी सनम, तुम्हें इतनी क़सम, हमें याद रखना

आएंगी बहारें तो तेरे ही फ़साने सुनाएंगी हमें
होगी तन्हाई तो आके तेरी यादें रुलाएंगी हमें
रुलाएंगी हमें, तड़पाएंगी हमें
कभी देखी थी बहार, कभी हम से था प्यार
हमें याद रखना,
जाओ ...

लेजा जानेवाले दुआएं मेरे दिल की किसी से क्या गिला
तेरी ही खता है ना मेरी ही खता है जो होना था हुआ
जो होना था हुआ, है किसी से क्या गिला
देखो रोए मेरा प्यार, कहे दिल की पुकार हमें याद रखना,
तेरी ...

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम : फ़िल्म :: शबनम

तेरी निगाहों पे मर-मर गए हम
बाँकी अदाओं पे मर-मर गए हम
(क्या करें ) -३
तेरी निगाहों पे ...

ज़ुल्फ़ों में लेके सारी रात चले
सारा ज़माना लिए साथ चले
ऐसे में जीने का मज़ा है सनम
आँखों से तेरी-मेरी बात चले
बेवफ़ा एक निगाह देख ले देख भी ले
तेरी निगाहों पे ...

तेरी अदा का तो जवाब नहीं

मेरी वफ़ा का भी हिसाब नहीं
सूरत तुम्हारी बड़ी ख़ूब सही
दिल तो हमारा भी ख़राब नहीं
बेवफ़ा एक निगाह देख ले देख भी ले
तेरी निगाहों पे ...

तेरी जुल्फों से जुदाई ...फ़िल्म : जब प्यार किसीसे होता है

तेरी ज़ुल्फ़ों से, जुदाई तो नहीं माँगी थी

क़ैद माँगी थी, रिहाई तो नहीं माँगी थी

मैने क्या ज़ुर्म किया, आप खफ़ा हो बैठे - २
प्यार माँगा था, खुदाई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी, रिहाई तो नहीं माँगी थी

मेरा हक़ था तेरी, आंखों की छलकती मय पर - २
चीज़ अपनी थी, पराई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी, रिहाई तो नहीं माँगी थी

अपने बीमार पे, इतना भी सितम ठीक नहीं - २
तेरी उल्फ़त में, बुराई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी, रिहाई तो नहीं माँगी थी

चाहने वालों को कभी, तूने सितम भी ना दिया - २
तेरी महफ़िल से, रसाई(?) तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी, रिहाई तो नहीं माँगी थी

तुझे देखा तुझे चाहा तुझे पूजा मैंने ...फ़िल्म : चोटी सी मुलाक़ात

र : तुझे देखा तुझे चाहा तुझे पूजा मैने
बस इतनी ख़ता है मेरी और ख़ता क्या
ल : तुझे देखा ...

र : अनगिनत सालों से मेरी तुझसे इक पहचान है
अब गले मिल जाओ आकर इतना ही अरमान है
तुझे देखा ...

ल : शीशा-ए-दिल में छुपा है ओ सितमगर तेरा प्यार
जब ज़रा गर्दन झुकाई देख ली तस्वीर-ए-यार
तुझे देखा ...

र : तेरे आँचल से लिपट कर रूह ये नग़्मा गाएगी
जान भी निकलेगी जिस दम ये ही कहती जाएगी
तुझे देखा ...

तुझे जीवन की डोर से बाँध लिया है ..फ़िल्म : असली नाख्ली

रफ़ी: तुझे जीवन की डोर से, बाँध लिया है, बाँध लिया है
तेरे ज़ुल्म-ओ-सितम, सर आँखों पर
लता: मैने बदले में प्यार के, प्यार दिया है, प्यार दिया है
तेरी खुशियाँ और गम, सर आँखों पर
रफ़ी: तुझे जीवन की ...

(अप्सरा कोई आए तो देखूँ नहीं
कोई बहकाये हंसके तो बहकूँ नहीं ) - २
तोरे मतवारे नैनों ने, जादू किया
ओ ... तोरे मतवारे नैनों ने, जादू किया
तेरी उल्फ़त सनम सर आँखों पर ...

(मेरे जीवन की अनमिट कहानी है तू
मेरी तक़दीर और ज़िंदगानी है तू ) - २
लिये फ़िरते हैं सबसे छुपाये हुए
ओ ... लिये फ़िरते हैं सबसे छुपाये हुए
तेरी तसवीर हम सर आँखों पर ...

चाँड सूरज भी हैं तेरी परछाइयाँ
तुझ से रोशन हुई दिल की गहराइयाँ
तेरे चेहरे की झिलमिल से मंज़िल मिली
ओ तेरे चेहरे की झिलमिल से मंज़िल मिली
ऐसी प्यारी पूनम सर आँखों पर ...

(दोनो): तुझे जीवन की डोर से, बाँध लिया है, बाँध लिया है
तेरे ज़ुल्मो-सितम, सर आँखों पर

तुझे प्यार करते हैं करते रहेंगे ..फ़िल्म : april fool

र : तुझे प्यार करते हैं करते रहेंगे
कि दिल बनके दिल में धड़कते रहेंगे
सु : तेरा नाम ले-ले के जीते रहेंगे -२
तेरा नाम ले-ले के मरते रहेंगे -२
र : तुझे प्यार करते ...

( तुझे भूल जाऊँ ये मुमकिन नहीं है
कहीं भी रहूँ मेरा दिल तो यहीं है ) -२
गुज़रने को ये दिन गुज़रते रहेंगे
कि दिल बनके दिल ...

सु : ( हसीं फूल की ज़िन्दगानी भी क्या है
अभी हँस रहा था अभी रो रहा है ) -२
जो गुज़रे ख़ुशी में वही ज़िन्दगी है
नहीं तो ये दुनिया बड़ी बेसुरी है
तेरी धुन में बनते सँवरते रहेंगे
तेरा नाम ले-ले के जीते ...
र : तुझे प्यार करते ...

( अगर मर गया रूह आया करेगी
तुझे देख कर गीत गाया करेगी ) -२
मुझे देख कर तुम न आँसू बहाना
बस इतनी गुजारिश है तुम मुस्कराना
तेरे प्यार में रंग भरते रहेंगे
कि दिल बनके दिल ...

तुझे सूरज कहूँ या चन्दा ...फ़िल्म : एक फूल दो माली

तुझे सूरज कहूं या चंदा
तुझे दीप कहूं या तारा
मेरा नाम करेगा रौशन
जग में मेरा राज दुलारा

मेरा घर था खाली खाली
छाई थी अजब उदासी
जीवन था सूना सूना
हर आस थी प्यासी प्यासी
तेरे आते ही खुशियों से
भार गया है जीवन सारा
मेरा नाम करेगा रौशन ...

मैं कब से तरस रहा था
मेरे आँगन में कोई खेले
नन्ही सी हँसी के बदले
मेरी सारी दुनिया ले ले
तेरे संग झूल रहा है
मेरी बाहों में जग सारा
मेरा नाम करेगा रौशन ...

आज उँगली थाम के तेरी
तुझे मैं चलना सिखलाऊँ
कल हाथ पकड़ना मेरा
जब मैं बूढ़ा हो जाऊँ
तू मिला तो मैं ने पाया
जीने का नया सहारा
मेरा नाम करेगा रौशन ...

मेरे बाद भी इस दुनिया में
ज़िंदा मेरा नाम रहेगा
जो भी तुझ को देखेगा
तुझे मेरा लाल कहेगा
तेरे रूप में मिल जायेगा
मुझ को जीवन दोबारा
मेरा नाम करेगा रौशन ...

Thursday, December 11, 2008

टुकड़े है मेरे दिल के ऐ यार तेरे आंसू ..फ़िल्म : मेरे सनम

(टुकड़े हैं मेरे दिल के, ए यार तेरे आँसू
देखे नहीं जाते हैं, दिलदार तेरे आँसू ) - २

कतरे नहीं छलके ये, आँखों के पियालों से
मोती हैं मुहोब्बत के, इन फूल से गालों पे, इन फूल
बहने नहीं दूंगा बेकार तेरे आँसू
देखे नहीं जाते

अश्कों से भरा देखूँ कैसे तेरी आँखों को
ऐ जान ये सुलगता ग़म, दे दे मेरी आँखों को, दे दे मेरी
पलकों पे उठा लूंगा, सौ बार तेरे आँसू
देखे नहीं जाते

तुम अगर साथ देने का वादा करो ..फ़िल्म : हमराज

तुम अगर साथ देने का वादा करो
मैं यूँही मस्त नग़मे लुटाता रहूं
तुम मुझे देखकर मुस्कुराती रहो
मैन तुम्हें देखकर गीत गाता रहूँ, तुम अगर...

कितने जलवे फ़िज़ाओं में बिखरे मगर
मैने अबतक किसीको पुकरा नहीं
तुमको देखा तो नज़रें ये कहने लगीं
हमको चेहरे से हटना गवारा नहीं
तुम अगर मेरी नज़रों के आगे रहो
मैन हर एक शह से नज़रें चुराता रहूँ, तुम अगर...

मैने ख़्वाबों में बरसों तराशा जिसे
तुम वही संग-ए-मरमर की तस्वीर हो
तुम न समझो तुम्हारा मुक़द्दर हूँ मैं
मैं समझता हूं तुम मेरी तक़दीर हो
तुम अगर मुझको अपना समझने लगो
मैं बहारों की महफ़िल सजाता रहूं, तुम अगर...

मैं अकेला बहुत देर चलता रहा
अब सफ़र ज़िन्दगानी का कटता नहीं
जब तलक कोई रंगीं सहारा ना हो
वक़्त क़ाफ़िर जवानी का कटता नहीं
तुम अगर हमक़दम बनके चलती रहो
मैं ज़मीं पर सितारे बिछाता रहूं

तुम अगर साथ देने का वादा करो ...

तुम बिन जाऊं कहाँ ..फ़िल्म : प्यार का मौसम

तुम बिन जाऊँ कहाँ, के दुनिया में आके
कुछ न फिर चाहा कभी तुमको चाहके, तुम बिन ...

देखो मुझे सर से कदम तक, सिर्फ़ प्यार हूँ मैं
गले से लगालो के तुम्हारा बेक़रार हूँ मैं
तुम क्या जानो के भटकता फिरा
मैं किस गली, तुमको चाह के ...

अब है सनम हर मौसम, प्यार के काबिल
पड़ी जहाँ छाओं हमारी, सज गयी महफ़िल
महफ़िल क्या तनहाई में भी
लगता है जी, तुमको चाह के ...

Kishore version:

तुम बिन जाऊँ कहाँ, के दुनिया में आके
कुछ न फिर चाहा कभी, तुमको चाहके, तुम बिन ...

रह भी सकोगे तुम कैसे, हो के मुझसे जुदा
ढह जाएंगी दीवारें, सुन के मेरी सदा
आना ही होगा तुम्हें मेरे लिये
साथी मेरे, सूनी राह के ...

कितनी अकेली सी पहले, थी यही दुनिया
तुमने नज़र जो मिला ली, बस गई दुनिया
दिल को मिली जो तुम्हारी लगन
दिये जल गए, मेरी आह से ...

देखो मेरे ग़म की कहानी, किसीसे मत कहना
कहीं मेरी बात चले तो, सुनके चुप रहना
मेरा क्या है कट जाएगी कहीं
ये ज़िंदगी, तुमको चाह के ...

तुम बिन जीवन कैसे बीता ..फ़िल्म : अनीता

तुम बिन जीवन कैसे बीता,
पूछो मेरे दिल से, पूछो मेरे दिल से

सावन के दिन आए, बीती यादें लाए
कौन झुकाकर आँखें, मुझको पास बिठाए
कैसा था प्यारा रूप तुम्हारा,
पूछो मेरे दिल से, पूछो मेरे दिल से
तुम बिन जीवन ...

प्रेम का सागर हाय, चारों तरफ़ लहराए
जितना आगे जाऊँ, गहरा होता जए
ग़म के भंवर में, क्या क्या डूबा,
पूछो मेरे दिल से, पूछो मेरे दिल से
तुम बिन जीवन ...

जैसे जुगनू बन में, तू चमके अंसुवन में
बन कर फूल खिली हो, जाने किस बगियन में
मै अपनी किस्मत पे रोया,
पूछो मेरे दिल से, पूछो मेरे दिल से
तुम बिन जीवन ...

तुम बिन सजन बरसे नयन ..फ़िल्म : गबन

ल : तुम बिन सजन बरसे नयन जब-जब बादल बरसे
र : मजबूर हम मजबूर तुम दिल मिलने को तरसे

ल : नागिन सी ये रात अँधेरी बैठी है दिल को घेर के
रूठे जो तुम सब चल दिए मुख फेर के
तुम बिन सजन ...

र : ये दिल तेरे प्यार की ख़ातिर जग से बेगाना हो गया
एक ख़्वाब था सब लुट गया सब खो गया
ल : तुम बिन सजन ...

ल : प्यासे-प्यासे नैन हमारे रो-रो के हारे सजना
आठों पहर बरसे गगन इस अँगना
तुम बिन सजन ...

तुम गगन की चंद्रमा हो ...फ़िल्म : सती सावित्री

तुम गगन के चंद्रमा हो, मैं धरा की धूल हूँ
तुम प्राणों के देवता हो, मैं समर्पित फूल हूँ
तुम हो पूजा मैं पुजारी, तुम सुधा मैं प्यास हूँ

तुम महासागर की सीमा, मैं किनारे की लहर
तुम महासंगीत के स्वर, मैं अधूरी साँस हूँ
तुम हो काया मैं हूँ छाया, तुम कसम मैं भूल हूँ

तुम उषा की लालिमा हो, भोर का सिंदूर हो
मेरे प्राणों का हो गुँजन, मेरे मन का मयूर हो
तुम हो पूजा मैं पुजारी, तुम सुधा मैं प्यास हूँ

तुम जैसे बिगडे बाबू से मई अखियाँ बचाऊं ..फ़िल्म : जब प्यार किसीसे होता है

तुम जैसे बिगड़े बाबू से मैं अँखियाँ बचाऊँ
थिन-गिन थिन-गिन नाचूँ और दुनिया को नचाऊँ
तुम जैसे बिगड़े ...

आँखों में मधुशाले रंग भरे ये प्याले
चंदा-सूरज दोनों मेरे कानों के हैं बाले -२
अपने आप को क्या समझो हो बाबू ओ बाबू
तुम जैसे बिगड़े ...

मुख पे लट लहराए घन बदरा शरमाए
नील गगन का बाँका राही पायल बाँधने आए -२
अपने आप को क्या समझो हो बाबू ओ बाबू
तुम जैसे बिगड़े ...

Wednesday, December 10, 2008

तेरे प्यार का आसरा चाहता हूँ ...फ़िल्म : धूल का फूल

तेरे प्यार का आसरा चाहता हूँ
वफ़ा कर रहा हूँ वफ़ा चाहता हूँ

हसीनो से अहद-ए-वफ़ा चाहते हो
बड़े नासमझ हो ये क्या चाहते हो

तेरे नर्म बालों में तारे सजा के
तेरे शोख कदमों में कलियां बिछा के
मोहब्बत का छोटा सा मन्दिर बना के
तुझे रात दिन पूजना चाहता हूँ, वफ़ा ...

ज़रा सोच लो दिल लगाने से पहले
कि खोना भी पड़ता है पाने के पहले
इजाज़त तो ले लो ज़माने से पहले
कि तुम हुस्न को पूजना चाहते हो, बड़े ...

कहाँ तक जियें तेरी उल्फ़त के मारे
गुज़रती नहीं ज़िन्दगी बिन सहारे
बहुत हो चुके दूर रहकर इशारे
तुझे पास से देखना चाहता हूँ, वफ़ा ...

मोहब्बत की दुश्मन है सारी खुदाई
मोहब्बत की तक़दीर में है जुदाई
जो सुनते नहीं हैं दिलों की दुहाई
उन्हीं से मुझे माँगना चाहते हो, बड़े ...

दुपट्टे के कोने को मुँह में दबा के
ज़रा देख लो इस तरफ़ मुस्कुरा के
मुझे लूट लो मेरे नज़दीक आ के
कि मैं मौत से खेलना चाहता हूँ, वफ़ा ...

गलत सारे दावें गलत सारी कसमें
निभेंगी यहाँ कैसे उल्फ़त कि रस्में
यहाँ ज़िन्दगी है रिवाज़ों के बस में
रिवाज़ों को तुम तोड़ना चाहते हो, बड़े ...

रिवाज़ों की परवाह ना रस्मों का डर है
तेरी आँख के फ़ैसले पे नज़र है
बला से अगर रास्ता पुर्खतर है
मैं इस हाथ को थामना चाहता हूँ, वफ़ा ...

ठंडी हवा काली घाठा ...फ़िल्म : Mr & Mrs 55

ठण्डी हवा, काली घटा, आ ही गई झूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के ) - २

बैठी थी चुपचाप यूँही दिल की कली चुन के मैं - २
दिल ने ये क्या बात कही रह न सकी सुन के मैं
मैं जो चली
मैं जो चली दिल ने कहा और ज़रा झूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के
ठण्डी हवा, काली घटा ...

आज तो मैं अपनी छवी देख के शरमा गई - २
जाने ये क्या सोच रही थी के हँसी आ गई
लोट गई
लोट गई ज़ुल्फ़ मेरी होंठ मेरा चूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के
ठण्डी हवा, काली घटा ...

दिल का हर एक तार हिला छेड़ने लगी रागनी - २
कजरा भरे नैन लिये बन के चलूँ कामनी
कह दो कोई
कह दो कोई आज घटा बरसे ज़रा झूम के
प्यार लिये डोले हँसी नाचे जिया घूम के
ठण्डी हवा, काली घटा ...

तुम रूट के मत जाना ....फ़िल्म : फागुन

र : तुम रूठ के मत जाना -२
मुझसे क्या शिकवा दीवाना है दीवाना
आ : क्यों हो गया बेगाना -२
तेरा-मेरा क्या रिश्ता ये तूने नहीं जाना

र : मैं लाख हूँ बेगाना -२
फिर ये तड़प कैसी इतना तो बता जाना
आ : फ़ुरसत हो तो आ जाना -२
अपने ही हाथों से मेरी दुनिया मिटा जाना
र : तुम रूठ के मत जाना ...
आ : क्यों हो गया बेगाना ...

तू छुपी है कहाँ मैं तडपता यहाँ ...फ़िल्म : नवरंग

आ: आ
म: तू छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ
छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
तू गया उड़ गया रंग जाने कहाँ
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ
छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ

आ: दिल की महफ़िल में जब ना मुझे तुम मिले
साँस लेती हूँ आ के इस सुनसान में
इन बहारों में जब ना तुझे पा सकी -२
तो तड़पती हूँ आ के इस वीरान में
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ
म: छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ

आ: ये नज़रें दीवानी तू खोई हुई
तेरे रंगीन सपनों के रंगों में
उमंगों में जब ना तुझे पा सकी -२
ढूँढती हूँ मैं ग़म की तरंगों में
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ
म: छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
तू छुपी है कहाँ
छुपी है कहाँ
छुपी है कहाँ

आ: मैं छुपी हूँ पिया तेरी पलकन में
तेरी धड़कन में, तेरी हर साँ में,
तेरी हर आस में
मैं छुपी हूँ कहाँ मेरा ये राज़ सुन
दर्द के हाथों ग़म से भरा साज़ सुन
मेरे रोते हुये दिल की आवाज़ सुन

आ: जब तलक तेरा मेरा न होगा मिलन
मैं ज़मीं आसमाँ को हिलाती रहूँगी
आख़िरी आस तक आख़िरी साँस तक
ख़ुद तड़पूँगी और तड़पाती रहूँगी

म: ये कौन घूँघरू झमका
ये कौन चाँद चमका
ये धरती पे आसमान आ गया पूनम का
ये कौन फूल महका
ये कौन पँछी चहका
महफ़िल में कैसी ख़ुश्बू उड़ी दिल जो मेरा बहका
लो तन में जान आई, होंठों पे तान आई
मेरी चकोरी चाँदनी में कर के स्नान आई
बिछड़ा वो मीत आया, जीवन का गीत आया
दो आत्माओं के मिलन का दिन पुनीत आया
सूरत है मेरे सपनों की तू सोहनी
जमना तू ही है तू ही मेरी मोहनी
तेरे बिन फीका फीका है दिल का जहाँ
छुपी है कहाँ मैं तड़पता यहाँ
तू छुपी है कहाँ
छुपी है कहाँ
छुपी है कहाँ

तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा ....फ़िल्म : धूल का फूल

तू हिन्दु बनेगा ना मुसलमान बनेगा
इन्सान की औलाद है इन्सान बनेग

कुदरत ने तो बनाई थी एक ही दुनिया
हमने उसे हिन्दू और मुसलमान बनाया
तू सबके लिये अमन का पैगाम बनेगा
इन्सान की औलाद है इन्सान बनेगा

ये दिन ये ईमान धरम बेचने वाले
धन-दौलत के भूखे वतन बेचने वाले
तू इनके लिये मौत का ऐलान बनेगा
इन्सान की औलाद है इन्सान बनेगा

तू प्यार का सागर है ..फ़िल्म : सीमा

तू प्यार का सागर है
तेरी इक बूँद के प्यासे हम
लौटा जो दिया तुमने, चले जायेंगे जहाँ से हम
तू प्यार का सागर है ...

घायल मन का, पागल पंछी उड़ने को बेक़रार
पंख हैं कोमल, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार
जाना है सागर पार
अब तू हि इसे समझा, राह भूले थे कहान से हम
तू प्यार का सागर है ...

इधर झूमती गाये ज़िंदगी, उधर है मौत खड़ी
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा, उलझन आन पड़ी
उलझन आन पड़ी
कानों में ज़रा कह दे, कि आये कौन दिशा से हम
तू प्यार का सागर है ...

टूट गया टूट गया ....फ़िल्म : गूँज उठी शहनाई

टूट गया -२
दिल का खिलौना हाय टूट गया -२
कोई लुटेरा आ के लूट गया
हाय कोई लुटेरा आ के लूट गया
दिल का खिलौना हाय टूट गया -२

हुआ क्या क़ुसूर ऐसा सैंयाँ हमारा -२
जाते हुये जो तूने हमें ना पुकारा -२
उल्फ़त का तार तोड़ा
हमें मझधार छोड़ा
हम तो चले थे ले के तेरा ही सहारा
साथी हमारा हमसे छूट गया

दिल का खिलौना हाय टूट गया -२
कोई लुटेरा आ के लूट गया
हाय कोई लुटेरा आ के लूट गया
हाय दिल का खिलौना हाय टूट गया
दिल का खिलौना हाय टूट गया


कैसी परदेसी तूने प्रीत लगाई -२
चैन भी खोया हमने नींद गँवाई -२
तेरा ऐतबार कर के
हाय इंतज़ार कर के
ख़ुशियों के बदले ग़म की दुनिया बसाई
ज़ालिम ज़माना हमसे रूठ गया

दिल का खिलौना हाय टूट गया
कोई लुटेरा आ के लूट गया
हाय कोई लुटेरा आ के लूट गया
हाय दिल का खिलौना हाय टूट गया
दिल का खिलौना हाय टूट गया

टूटे हुए ख़्वाबों ने हम को ये सिखाया है ..फ़िल्म : मधुमती

टूटे हुए ख़्वाबों ने, हमको ये सिखाया है
दिल ने, दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गंवाया है
टूटे हुए ख़्वाबों ने

हम ढूँढते हैं उनको, जो मिलके नहीं मिलते
रुठे हैं न जाने क्यूँ, (मेहमान मेरे दिल के - २)
क्या अपनी तमन्ना थी, क्या सामने आया है
दिल ने, दिल ने ...
टूटे हुए ...

लौट आई सदा मेरी, टकरा के सितारों से
उजड़ी हुई दुनिया के, (सुनसान किनारों से - २)
पर अब ये तड़पना भी, कुछ काम न आया है
दिल ने, दिल ने ...
टूटे हुए ...

Tuesday, December 9, 2008

लाख छपाए छप न सकेगा ...फ़िल्म : असली नाख्ली

लाख छुपाओ छुप न सकेगा राज हो कितना गहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

फूल में खुशबू दिल में चाहत कभी न छिपने पाई है
आँख से ढलकी बनकर सुर्खी जब जब आकर दवाई है
सच बातों पर लग नहीं सकता खामोशी का पहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

अब न हम को और बताओ हमने तो पहचान लिया
सागर से भी गहरे निकले हमने तुम को जान लिया
जिस के मन में चोर छिपा हो सामने कवि वह ठहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

लोग तो दिल को खुश रख्ने को क्या क्या ढोंग रचाते है
भेष बदल कर इस दुनिया में बहरूपिये बन जाते हैं
मन दरपन में मुखड़ा देखो उतरा रंग सुनहरा
दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा

लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया ..फ़िल्म : तीसरी कसम

लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया
पिया की पियारी भोली भाली रे दुल्हनिया

लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया
मीठे बैन तीखे नैनों वाली रे दुल्हनिया

लौटेगी जो गोदी भर हमें ना भुलाना
लड्डू पेढ़े लाना अपने हाथों से खिलाना
तेरी सब रातें हों दीवाली रे दुल्हनिया

दूल्हे राजा रखना जतन से दुल्हन को
कभी न दुखाना तू गोरिया के मन को
नाज़ुक है नाज़ों की है पाली रे दुल्हनिया

लग जा गले दिलरुबा ..फ़िल्म : दस लाख

आ~
लग जा गले दिलरुबा
कहाँ रूठ के चली
ओ गुलाब की कली
तेरे कदमों में दिल है मेरा
लग जा गले दिलरुबा ...

ऐ शोला बदन ऐ ज़ोहरा जबीं
तुम गुस्से में लगती हो और हसीं
बैठा हूँ जिगर को थामे हुए
मुझ पे न गिरे ये बिजली कहीं
क्या कहने नज़ाकत के
सामाँ है क़यामत के
मैं तो पहली नज़र में गया
लग जा गले दिलरुबा ...

इतरा के न चल, बलखा के न चल
आँचल को हवा में उड़ा के न चल
बन जायेगा कोई अफ़साना
दिल को मेरे तड़पा के न चल
इतना न सितम करना
कुछ नज़र-ए-क़रम करना
देखिये दिल है नाज़ुक मेरा
लग जा गले दिलरुबा ...

लिखा है तेरी आँखों में ....फ़िल्म : तिन देवियाँ

लता : लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना - २
किशोर: अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना ...

लता: जवाब था किसी तमन्ना का,
लिखा तो है मगर अधूरा सा
अरे ओ ओ ओ ओ
जवाब था किसी तमन्ना का,
लिखा तो है मगर अधूरा सा
किशोर: कैसी न हो मेरी हर बात अधूरी,
अभी हूँ आधा दिवाना
लता: लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
किशोर: अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लता: लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

लता: जो कुछ नहीं तो ये इशारे क्यूँ,
ठहर गए मेरे सहारे क्यूँ
अरे ओ ओ ओ ओ
जो कुछ नहीं तो ये इशारे क्यूँ,
ठहर गए मेरे सहारे क्यूँ
किशोर: थोड़ा सा हसीनों का सहारा लेके चलना,
है मेरी आदत रोज़ाना
लता: लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
किशोर: अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लता: लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

किशोर: यहाँ वहाँ फ़िज़ा में आवारा,
अभी तलक़ ये दिल है बेचारा
अरे ओ ओ ओ ओ
यहाँ वहाँ फ़िज़ा में आवारा,
अभी तलक़ ये दिल है बेचारा
लता: ओ ओ ... दिल को तेरे अब तक ना समझे,
तुझही को हमने पहचाना
लता: लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
किशोर: अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लता: लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

लो चेहरा सुर्ख शाराब हुवा ..फ़िल्म : दिल ने फिर याद किया

लो चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ आँखों ने साग़र छलकाया -२
ये गुस्सा हाय ये गुस्सा तेरा सुभान-अल्लाह
इक हुस्न का दरिया चढ़ आया
लो चेहरा सुर्ख़ शराब ...

ये गर्म निग़ाह तौबा-तौबा पत्थर में भी आग भड़क उठे
( उस दिल का ख़ुदा ही हाफ़िज़ है ) -२ जो तेरी नज़र से टकराया
ये गुस्सा ...

देखो तो ज़रा तुम मौसम को मौसम भी लरज़ता है डर से
वो ख़ौफ़ से बिजली काँप उठी बादल का जोश उतर आया
ये गुस्सा ...

क्यों आग बबूला होते हो अब छोड़ो ऐसे गुस्से को
होंठों की लाली कहती है इक शोला लब तक बढ़ आया
ये गुस्सा ...

लो चेहरा सुर्ख शाराब हुवा ..फ़िल्म : दिल ने फिर याद किया

लो चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ आँखों ने साग़र छलकाया -२
ये गुस्सा हाय ये गुस्सा तेरा सुभान-अल्लाह
इक हुस्न का दरिया चढ़ आया
लो चेहरा सुर्ख़ शराब ...

ये गर्म निग़ाह तौबा-तौबा पत्थर में भी आग भड़क उठे
( उस दिल का ख़ुदा ही हाफ़िज़ है ) -२ जो तेरी नज़र से टकराया
ये गुस्सा ...

देखो तो ज़रा तुम मौसम को मौसम भी लरज़ता है डर से
वो ख़ौफ़ से बिजली काँप उठी बादल का जोश उतर आया
ये गुस्सा ...

क्यों आग बबूला होते हो अब छोड़ो ऐसे गुस्से को
होंठों की लाली कहती है इक शोला लब तक बढ़ आया
ये गुस्सा ...

लेकर हम दीवाना दिल ..फ़िल्म : यादों की बरात

लेकर हम दीवाना दिल
फिरते हैं मंज़िल मंज़िल
कहीं तो प्यारे किसी किनारे
मिल जाओ तुम अंधेरे उजाले
तरम पम
लेकर हम दीवाना दिल
फिरते हैं मंज़िल मंज़िल

जिस गली में तुम उस गली में हम
फिर भी ये दूरियाँ यहाँ
तुम यहीं कहीं हम यहीं कहीं
पर ये मजबूरियाँ यहाँ
वाह रे दुनिया दुनिया तेरे जलवे हैं निराले
ह आ
लेकर हम दीवाना दिल
फिरते हैं मंज़िल मंज़िल

तू कहीं रहे यूँ लगे मुझे
मेरे दिल के पास है यहाँ
माँगूं तेरी ख़ैर आ तेरे बग़ैर
दिल मेरा उदास है यहाँ
आजा आजा आजा हमको सीने से लगा ले
ह आ
लेकर हम दीवाना दिल
फिरते हैं मंज़िल मंज़िल

कहीं तो प्यारे किसी किनारे
मिल जाओ तुम अंधेरे उजाले
तरम पम
लेकर हम दीवाना दिल
फिरते हैं मंज़िल मंज़िल

Monday, December 8, 2008

ईना मीना डीका डाई डामोनिका ..फ़िल्म : आशा

ईना मीना डीका, डाइ, डामोनिका
माका नाका नाका, चीका पीका रीका
ईना मीना डीका डीका डे डाइ डामोनिका
माकानाका माकानाका चीका पीका रोला रीका
रम पम पोश रम पम पोश

दिल बेचूँ, है कोई लेने वाला,
ऐसे वैसे तो नहीं देने वाला
सूरतियाँ हसीं हो, उमरियाँ जवाँ हो
कोई भी उसे देखे तो बस ये गुमाँ हो
यही है यही है यही तो है वो
ईना मीना डीका...

मत सोचो कि सस्ता है सौदा
फल पाये लगाएगा जो पौधा
दिल कि ये क्यारी बनेगी फुलवारी
ये दुनिया जलेगी, जलन की है मारी
हँसेगी हँसेगी हँसेगी मेरी प्यारी
ईना मीना डीका...

ये शर्तें तो बड़ी हैं ज़रूरी
जो कोई करेगा इन्हें पूरी
मैं ख़ुशी ख़ुशी उसे ये दिल दे दूंगा
क़सम खा रहा हूँ, कि दाम भी न लूंगा
मगर ये कहूँगा, मगर ये कहूँगा
( क्या ? )
यही है यही है यही तो है वो
ईना मीना डीका...

ईना मीना डीका, हा डाइ डम नीका
माका नाका नाका, चीका पीका रीका
ईना मीना रीका डीका डे डाइ डम नीका
माका नाका माका नाका चीका पीका रोला रीका
रम पम पोश रम पम पोश

इस दुनिया में दिल न लगाना
दिल दे के पड़ेगा पछताना
ये रूप के पुजारी ये दिल लेने वाले
पहले पहले होते हैं बड़े भोले भाले
कलेजे को थाम पुकारेंगे नाम
तू ही है तू ही है तू ही तो है वो
ईना मीना ...

अए
अए चोमे ओन चोमे ओन
कैसे
देख
एई

मत भूलो है प्यार एक नाग
उगलेगा ज़हर भरी आग
ये दिल को जलाये ये शोलों पे सुलाये
जो फूलों से उठाये तो काँटों में रुलाये
कलेजे को थाम पुकारेगा नाम
तू ही है तू ही है तू ही तो है वो
ईना मीना ...

इन्साफ का मन्दिर है ये भगवान का घर है ..फ़िल्म : अमर

र: इन्साफ़ का मन्दिर है ये भगवान का घर है -२
को: इन्साफ़ का मन्दिर है ये भगवान का घर है
र: कहना है जो कह दे तुझे किस बात का डर है
है खोट तेरे मन में जो भगवान से है दूर -२
हैं पाँव तेरे
र: इन्साफ़ का मन्दिर है ये भगवान का घर है
कहना है जो कह दे तुझे किस बात का डर है
है खोट तेरे मन में जो भगवान से है दूर -२
हैं पाँव तेरे
हैं पाँव तेरे फिर भी तू आने से है मजबूर
आने से है मजबूर
हिम्मत है तो आ जा ये भलाई की डगर है
इन्साफ़ का मन्दिर है ये भगवान का घर है
दुख दे के जो दुखियों से न इन्साफ़ करेगा
भगवान भी उसको न कभी माफ़ करेगा
ये सोच ले -२
ये सोच ले हर बात की दाता को ख़बर है
दाता को ख़बर है
हिम्मत है तो आ जा ये भलाई की डगर है
को: इन्साफ़ का मन्दिर है ये भगवान का घर है


र: मायूस न हो हार के तक़दीर की बाज़ी
प्यारा है वो ग़म जिसमें हो भगवान भी राज़ी
दुख दर्द मिले
दुख दर्द मिले जिसमें वोही प्यार अमर हे
वोही प्यार अमर हे
ये सोच ले हर बात की दाता को ख़बर है
को: इन्साफ़ का मन्दिर है ये भगवान का घर है -२

इस दुनिया में जीना हो तो सुन लो मेरी बात ..फ़िल्म : गुमनाम

इस दुनिया में जीना हो तो सुन लो मेरी बात
ग़म छोड़ के मना लो रंग रेली
और मान लो जो कहे किट्टी केली

जीना उसक जीना है जो हँसते गाते जीले
ज़ुल्फ़ों की घनघोर घटा में नैन के बादल पीले
ऐश के बंदों ऐश करों तुम छोड़ो ये ख़ामोशी
आई हैं रंगीन बहारें लेकर दिन रंगीले

मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूँ और लहराऊँ
दामन दामन फूल खिलाऊँ और ख़ुशियाँ बरसाऊँ
दुनिया वालों तुम क्या जानो जीने की ये बातें
आओ मेरी महफ़िल में मैं ये दो बातें समझाऊँ

इस रंग बदलती दुनिया में ..फ़िल्म : राज कुमार

इस रंग बदलती दुनिया में
इनसान की नीयत ठीक नहीं
निकला न करो तुम सज-धजकर
ईमान की नीयत ठीक नहीं, इस...

ये दिल है बड़ा ही दीवाना
छेड़ा न करो इस पागल को
तुम से न शरारत कर बैठे
नादान की नीयत ठीक नहीं, इस...

काँधे से हटा लो सर अपना
ये प्यार मुहब्बत रहने दो
कश्ती को सम्भालो मौजों में
तूफ़ान की नीयत ठीक नहीं, इस...

मैं कैसे खुदा हाफ़िज़ कह दूँ
मुझको तो किसी का यकीन नहीं
छुप जाओ हमारी आँखों में
भगवान की नीयत ठीक नहीं, इस...

इक चीज मांगते है हम तुम से पहली बार : फ़िल्म : बाबुल की गलियाँ

किशोर : इक चीज़ माँगते हैं हम तुमसे पहली बार
आशा : पहले चीज़ का नाम बताओ
कि : देखो हम पर शक़ न लाओ
उल्टी-सीधी चीज़ कभी न माँगे सच्चा प्यार
कि : इक चीज़ माँगते ...

आ : अच्छी सी फ़रमाइश करना
कि : सुनने से पहले क्या डरना
आ : माँगो बाबा कुछ भी माँगो
कि : माँगूँ
आ : हाँ हाँ
कि : दिल पर रख कर हाथ करो हमसे पहले इकरार
इक चीज़ माँगते ...

आ : बोलो
कि : माँगूँ छोटा सा नज़राना
आ : हाय इतना लम्बा अफ़साना
जळी से कह दो
कि : कह तो रहा हूँ
आ : अरे जळी से कह दो
कि : अरे कह तो रहा हूँ
रात को खिड़की खोल के रखना
आ : हाय राम तुम आओगे
कि : हाँ हाँ रात को खिड़की खोल के रखना
दो नयनों को बोल कर रखनाअ
आ : आगे बोलो
कि : यही
आएँ मेरे सपने तो ये कर ना दें इन्कार
इक चीज़ माँगते ...

हाँ हाँ खुली-खुली इस ज़ुल्फ़ का साया माँगूँ तो क्या दोगी
आ : बस
कि : रंग-रूप का ये सरमाया माँगूँ तो क्या दोगी
आ : ना ना
कि : कहो तुम्हारी बाँहों में रह सकता हूँ
आ : अभी नहीं
कि : क्या इन होंठों को मैं अपना कह सकता हूँ
आ : ऊँ हूँ अभी नहीं
कि : ( अभी नहीं ) -३
अभी नहीं की जाने किस दिन टूटेगी दीवार
इक चीज़ माँगते ...

आ : इक चीज़ माँगते हैं हम तुमसे पहली बार
कि : पहले चीज़ का नाम बताओ
आ : देखो हम पर शक़ न लाओ
अब जो मिलना
कि : अच्छा जी
आ : ( अब जो मिलना ) -२ बाँध के सेहरा ही मिलना सरकार
कि : तो अगले इतवार
आ : जी सरकार
कि : अच्छा है त्यौहार


इक दिन बिक जायेगा माटी के मोल ..फ़िल्म : धरम करम

इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल
जग में रह जाएंगे, प्यारे तेरे बोल
दूजे के होंठों को, देकर अपने गीत
कोई निशानी छोड़, फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक जायेगा ...

ला ला ललल्लल्ला

(अनहोनी पग में काँटें लाख बिछाए
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए ) - (२)
ये बिरहा ये दूरी, दो पल की मजबूरी
फिर कोई दिलवाला काहे को घबराये, तरम्पम,
धारा, तो बहती है, बहके रहती है
बहती धारा बन जा, फिर दुनिया से डोल
एक दिन ...

(परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी
थाम के तेरे मेरे मन की डोरी ) - (२)
ये डोरी ना छूटे, ये बन्धन ना टूटे
भोर होने वाली है अब रैना है थोड़ी, तरम्पम,
सर को झुकाए तू, बैठा क्या है यार
गोरी से नैना जोड़, फिर दुनिया से डोल
एक दिन ...

Sunday, December 7, 2008

तू मेरी सप्नोकी रानी बनेगी ...फ़िल्म : गोरा और काला

एक ना एक दिन ये कहानी बनेगी तू मेरे सपनों की रानी बनेगी
मैं तेरा दीवाना बनूँगा रानी तू मेरी दीवानी बनेगी
एक ना एक दिन ...

चैन लूटा है नींद लूटी है ऐसे मौसम में तू मुझसे रूठी है -२
ये तेरे हाथों की अँगूठी प्रेम की पहली निशानी बनेगी
एक ना एक दिन ...

ये ग़ुस्सा तू भूल जाएगी तेरे होंठों पे हँसी आएगी
ये आज हो या कल हो ये बेरुख़ी मेहरबानी बनेगी
एक ना एक दिन ...

यूँ तो पहले लाज आती है बाद में गोरी मान जाती है
तेरा-मेरा नया-नया मिलन है ये मुलाक़ात पुरानी बनेगी
एक ना एक दिन ...

एक डाल पर तोता बोले ..फ़िल्म : शोर मचाये चोर

र : ( एक डाल पर तोता बोले ) -२ एक डाल पर मैना
दूर-दूर बैठे हैं लेकिन प्यार तो फिर भी है ना
बोलो है ना है ना है ना

ल : ओ ओ ओ ओ एक डाल पर तोता बोले एक डाल पर मैना
मैं तेरे नैनों की निंदिया तू मेरे दिल का चैना
बोलो है ना है ना है ना
दो : एक डाल पर तोता बोले

ल : ये क्या मुझको हो गया साजन कभी रोऊँ कभी गाऊँ
पेड़ से लिपती बेल जो देखूँ लाज से मर-मर जाऊँ
र : ये पागलपन कैसा कब से हो गया ऐसा
ल : बिन बतलाए समझो साजन आज नहीं कुछ कहना
बोलो है ना है ना है ना
दो : एक डाल पर तोता बोले ...

र : आँधी आए तूफ़ाँ आए या बरसें बरसातें
इक दूजे के हो जाएं हम ख़त्म न हो दिन-रातें
ल : ( ख़त्म न हो दिन-रातें ) -२ ( मीठी प्यार की बातें ) -२
र : होंठ अगर ख़ामोश रहें तो बोल उठेंगे नैना
बोलो है ना है ना है ना
दो : एक डाल पर तोता बोले ...

ल : जनम-जनम की प्यास रे साजन पल में बुझेगी कैसे
जीवन भर ये संग न छूटे अंग लगा लो ऐसे
र : आ मिल जाएँ ऐसे सागर नदिया जैसे
दो : सीख लिया है प्यार में हमने मिटकर ज़िन्दा रहना
बोलो है ना है ना है ना
एक डाल पर तोता बोले ...

एक अजनबी हसीनासे यूँ मुलाक़ात होगई ..: फ़िल्म : अजनबी

एक अजनबी, हसीना से, यूँ मुलाकात, हो गई
फिर क्या हुआ, ये ना पूछो, कुछ ऐसी बात, हो गई
एक अजनबी ...

वो अचानक आ गई, यूँ नज़र के सामने
जैसे निकल आया घटा से चाँद
चेहरे पे ज़ुल्फ़ें, बिखरी हुई थीं
दिन में रात हो गई
एक अजनबी ...

जान-ए-मन जान-ए-जिगर, होता मैं शायर अगर
कहता ग़ज़ल तेरी अदाओं पर
मैं ने ये कहा तो, मुझसे ख़फ़ा वो
जान-ए-हयात हो गई
एक अजनबी ...

खूबसूरत बात ये, चार पल का साथ ये
सारी उमर मुझको रहेगा याद
मैं अकेला था मगर, बन गई वो हमसफ़र
वो मेरे साथ हो गई
एक अजनबी ...

एक तेरा साथ हम को दो जहाँ से प्यारा है ..फ़िल्म : वापस

र : ( एक तेरा साथ ) -२ हमको दो जहाँ से प्यारा है
तू है तो हर सहारा है
ल : ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
तू है तो हर सहारा है

र : हम अकेले हैं शहनाइयाँ चुप हैं तो कँगना बोलता है
तू जो चलती है छोटे से आँगन में चमन सा डोलता है
( आज घर हमने ) -२ मिलन के रंग से सँवारा है
तू है तो हर ...
ल : ना मिले संसार ...

देख आँचल में चाँदनी रुत के नज़ारे भर गई है
नैन से तेरे इस माँग में जैसे सितारे भर गई है
( प्यार ने इस रात ) -२ को आकाश से उतारा है
तू है तो हर ...

एक सवाल मै करूँ एक सवाल तुम करो ..फ़िल्म : ससुराल

एक सवाल मैं करूँ एक सवाल तुम करो
हर सवाल का सवाल ही जवाब हो
एक सवाल मैं करूँ ...

प्यार की बेला साथ सजन का फिर क्यों दिल घबराये
नईहर से घर जाती दुल्हन क्यों नैना छलकाये
है मालूम कि जाना होगा, दुनियाँ एक सराय
फिर क्यों जाते वक़्त मुसाफ़िर रोये और रुलाये
- फिर क्यों जाते वक़्त मुसाफ़िर रोये और रुलाये!
एक सवाल मैं करूँ ...

चाँद के माथे दाग है फिर भी चाँद को लाज न आये

उसका घटता बढ़ता चेहरा क्यों सुन्दर कहलाये
काजल से नैनों की शोभा क्यों दुगुनी हो जाये
गोरे गोरे गाल पे काला तिल क्यों मन को भाये
- गोरे गोरे गाल पे काला तिल क्यों मन को भाये
एक सवाल मैं करूँ ...

गा गा गा रे गा रे ...

उजियारे में जो परछाई पीछे पीछे आये
वही अन्धेरा होने पर क्यों साथ छोड़ छुप जाये
सुख में क्यों घेरे रहते हैं अपने और पराये
बुरी घड़ी में क्यों हर कोई देख के भी क़तराये
- बुरी घड़ी में क्यों हर कोई देख के भी क़तराये
एक सवाल मैं करूँ ...

एक चतुर नार करके सिंगार ...फ़िल्म ;; पडोसन

एक चतुर नार कर के सिंगार
मेरे मन के द्वार ये घुसत जात
हम मरत जात, अरे हे हे हे
यक चतुर नार कर के सिंगार...

प रे स, स स स नि ध स
स रे स ध ध प
प ध स रे स
स रे ग ध प

यक चतुर नर कर के सिंगा... र

कि: ummm धम
मह: अय्यो !
कि: अरे धम, ओ धम, ओ धम धम धम रुक
umm ब्रु - २
ओ अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अ: (vowels)
उम नाम नाम नाम नाम नाम नाम
नाम नाम लम लम लम लम ल
उम बल बल बल बल रे,
बल बल बल बल रे, बल बल बल बल रे
ओम

एक चतुर नार बड़ी होशियार - २
अपने ही जाल में फसत जात
हम हसत जात अरे हो हो हो हो हो !
एक चतुर नार बड़ी होशियर

सु: तू क्यों...
मह: छी रे

करे लाख लाख दुनिया चतुराई
छुट्टी कर दूंगा मैं उसकी
अबके जो आवाज़ लगाई
छुट्टी कर दूंगा, आ आ आ...
ता जुम, तक जुम, तक नुम, यक जुम
तक तन्किदिअ...

कि: पढ़ के बोतन चीर बि चक्कर - २
हर बुद खुदि-बुदि खुद कर - २
छिटके तो रेरे मोन माखन - २
सब चले गये, सब चले गये चिदमुध चितिन्ग चितुबुद
चितुबुद गाय, चितुबुद गाय, चितुबुद हाय हाय हाय

जा रे, जा रे कारे कागा
का का का क्यों शोर मचाये
उस नारी का दास ना बन जो
राह चलत को राह बुलाए

काला रे जा रे जा रे
अरे नाले में जाके तू मुँह धोके आ
ख़ाला रे ग रे ग रे

मह: ये गड़बड़ जी
कि: ओ गा रे गा रे
मह: ये सुर बदला
कि: ओ गा रे गा रे
मह: ये हमको मटका बोला
कि : ओ गा रे गा रे
मह: ये सुर किधर है जी, ये सुर...; ये..., एन्नाया इधु
येक चतुर नार...
अम छोड़ेगा नहीं जी
येक चतुर नार...
अम पकड़के रखेगा जी

ये घुसत जात
हम मरत जात अरे आ आ आ

तू क्या जाने क्या है नारी
जिस तन लागे मोरे नैना
उसपे सारी दुनिया वारी

मह: नाच ना जाने, आंगन तेढ़ा
टेएएढ़ा, टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा - ४
नाच ना जाने, आंगन टेढ़ा
टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा - ४
उस संग लागे मोरे नैना
अबके जो आवाज़ लगाई

कि: ओ टेढ़े!
मह: ओय
कि: ओ केड़े!
मह: ओ या
कि: अरे सीधे हो जा रे
सीधे हो जा रे
सीधे हो जा
वाह री चंदनिया, वाह रे चकोरे
राम बनाई ये कैसी जोड़ी
करे नचाया ता ता थैय्या
ताल पे नाचे लंगड़ी घोड़ी
अरे देखी
अरे देखी तेरी चतुराई
मह: ये फिर गड़बड़
कि: अरे देखी तेरी चतुराई
मह: फिर भटकाया
कि: तुझे सुरों की समझ नहीं आई
तूने कोरी घास ही खाई
अरे घोड़े!
मह: ये घोड़ा बोला
कि: ओ निगोड़े!
मह: ये गाली दिया
कि: अरे देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार...
कि: घोड़े देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार...
कि: घोड़े देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार...
कि: एक चतुर नार...
कि: एक चतुर नार...
मह: अय्यो घोड़े तेरी...
कि: अरे घोड़े तेरी...
मह: क्या रे ये घोड़ा-चतुर, घोड़ा-चतुर बोला,
येक पे रहना या घोड़ा बोलो या चतुर बोलो... गाओ
कि: एक चतुर नार बड़ी होशियार
अपने ही जाल में फसत जात
एक चतुर नार!
बड़ी होशियारी!
ये घुसत जात
मह: हम मरत जात, मरत जात
ये अटक गया !!!

कि: स रे ग म प, हे आ आ..., हे ... ... !!!!

एक बंजारा गाये ..फ़िल्म : जीने की राह

एक बंजारा गाए, जीवन के गीत सुनाए
हम सब जीने वालों को जीने की राह बताए

ज़माने वालो किताब-ए-ग़म में
खुशी का कोई फ़साना ढूँढो
हो ओ ओ ओ ... आँखों में आँसू भी आए
वो आकर मुस्काए

सभी को देखो नहीं होता है
नसीबा रौशन सितारों जैसा
सयाना वो है जो पतझड़ में भी
सजा ले गुलशन बहारों जैसा
हो ओ ओ ओ ... कागज़ के फूलों को भी
जो महका कर दिखलाए

Saturday, December 6, 2008

बन्दा परवर थाम्लो जिगर ...फ़िल्म : फ़िर वाही दिल लाया हूँ

बन्दा परवर थाम लो जिगर बन के प्यार फिर आया हूँ
ख़िदमत में आपके हुज़ूर, फिर वही दिल लाया हूँ

जिस की तड़प से रुख पे तुम्हारे आया निखार गजब का
जिसके लहू से और भी चमका रंग तुम्हारे लब का
गेसू खुले ज़ंजीर बने
और भी तुम तसवीर बने
आइना दिलदार का
नज़राना प्यार का
फिर वही दिल लाया हूँ ...

मेरी निगाह-ए-शौक़ से बचकर यार कहाँ जाओगे
पाँव जहाँ रख दोगे अदा से, दिल को वहीं पाओगे
जाऊँ कहीं ये ख़याल कहाँ
रहूँ जुदा ये मजाल कहाँ
आइना दिलदार का
नज़राना प्यार का
फिर वही दिल लाया हूँ ...

बड़े मियाँ दीवाने ऐसे न बनो ....फ़िल्म : शागिर्द

बड़े मियाँ दीवाने ऐसे ना बनो
हसीना क्या चाहे हमसे सुनो
बड़े मियाँ दीवाने ...

सबसे पहले सुनो मियाँ करके वर्जिश बनो जवाँ
चेहरा polishकिया करो थोड़ी मालिश किया करो
styleसे उठे क़दम सीना ज़्यादा तो पेट कम
ऐ किबला उजले बालों को रंग डालो बन जाओ गुलफ़ाम
बड़े मियाँ दीवाने ...

हसीना क्या चाहे
जौ : यही तो मालूम नहीं
हमसे सुनो

सीखो करतब नए-नए fashionके ढंग नए-नए
ढीला-ढाला लिबास क्यों रेशम पहनो कपास क्यों
फ़न ये जादूगरी का है अरमाँ तुझको परी का है
तो किबला मारो मंतर टेढ़ी (?) बन कर निकलो वक़्त-ए-शाम
बड़े मियाँ दीवाने ...

तन्हाई में अगर कहीं आ जाए वो नज़र कहीं
कहिए हाथों में हाथ डाल ए गुल-चेहरा परी-जमाल
मुद्दत से दिल उदास है तेरे होंठों की प्यास है
ऐ दिलबर मेरे लब पर कब छलकेगा तेरे लब का जाम
बड़े मियाँ दीवाने ...

बार बार देखो हजार बार देखो ..फ़िल्म : चैना टौन

बार बार देखो, हज़ार बार देखो
के देखने की चीज़ है, हमारा दिलरुबा, टाली हो
टाली हो, टाली हो

(हाँ जी हाँ, और भी होंगे दिलदार यहाँ
लाखों दिलों की बहार यहाँ
पर ये बात कहाँ ) - २
ये बेमिसाल हुस्न, लाजवाब ये आदा, टाली हो
टाली हो, टाली हो

(दिल मिला, एक जान-ए-महफ़िल मिला
या चिराग़-ए-मंज़िल मिला
ये न पूछो के कहाँ ) - २
नया नया ये आशिक़ी का राज़ है मेरा, टाली हो
टाली हो, टाली हो

(बल्ले बल्ले, उठके मिस्टर क्यों चले
प्यार पे मेरे कहो क्यों जले
बैठ भी जाओ मेहरबाँ ) - २
दुआ करो मिले तुम्हें भी ऐसा दिलरुबा, टाली हो

बार बार दिन ऐ आए ..फ़िल्म : फ़र्ज़

Happy Birthday to you - २
Happy Birthday to you, Sunita, Happy Birthday to you

बार बार दिन यह आये, बार बार दिल यह गाये
तू जिये हज़ारों साल, यह मेरी आरज़ू है
Happy Birthday to you - २
Happy Birthday to you, Sunita, Happy Birthday to you

बेक़रार होके दामन, थाम लूँ मैं किसका - २
क्या मिसाल दूँ मैं तेरी, नाम लूँ मैं किसका
नहीं, नहीं, ऐसा हसीं, कोई नहीं है
जिस पे यह नज़र रुक जाये, बेमिसाल जो कहलाये
तू जिये हज़ारों साल, यह मेरी आरज़ू है
Happy Birthday to you - २
Happy Birthday to you, Sunita, Happy Birthday to you

औरों की तरह कुछ मैं भी, तोह्फ़ा ले आता
मैं तेरी हसीं महफ़िल में, फूल ले के आता
जिन्हें कहा उसे चाहा, फूलों की ज़रूरत
जो पहर खुद कहलाये, हर कली का दिल धड़काये
तू जिये हज़ारों साल, यह मेरी आर्अज़ू है
Happy Birthday to you - २
Happy Birthday to you, Sunita, Happy Birthday to
you

बम बबम बम बम लहरी ..फ़िल्म : रामू दादा

बम बबम बबम बम बम लहरी ) -२
लहर लहर नदिया गहरी
जीवन नदिया बहती जाए शाम सवेरे दोपहरी
बबम बबम बम ...

नाव चला मत मस्ती में तूफ़ानों की बस्ती में
लोभ की मारी दुनिया वाले नाग हैं तेरी कश्ती में
इसका काटा पानी न माँगे दुनिया है इतनी ज़हरी
बबम बबम बम ...

नफ़रत से मन क्यूँ है भरा प्रेम से मिल इन्सान ज़रा
प्रेम ने तुझको जन्म दिया है प्रेम तो है भगवान तेरा
प्रेम की भक्ति कर ले फिर तू बन देहाती या शहरी
बबम बबम बम ...

जग की बातें दूर के ढोल कान तेरे कच्चे मत खोल
बस में तेरे कोई बात नहीं है तू क्या बोलेगा मत बोल
हो तेरा कल्याण बना ले आत्मा गूंगी बहरी
बबम बबम बम ...

बदतमीज़ कहो या कहो जानवर ....फ़िल्म : बद्त्तामीज

बदतमीज़ कहो या कहो जानवर मेरा दिल तेरे दिल पे फ़िदा हो गया
बचाओ कोई सम्भालो कोई ओ मेरी जान-ए-जां मैं तबाह हो गया
हो लला हो लला -२
बदतमीज़ कहो या ...

कितने मीठे हैं लब तेरे जान-ए-ग़ज़ल तू बुरा भी कहे तो लगे है भला
इन्हीं अंदाज़ ने मार डाला हमें ना तुम्हारी ख़ता ना हमारी ख़ता
हो लला हो लला -२
बदतमीज़ कहो या ...

मेरी उल्फ़त से नफ़रत न कर संगदिल देख इनकी बदौलत ये दुनिया बनी
इश्क़ की आग में जल के हस्ती मिटा फिर ख़बर हो तुम्हें क्या है दिल्लगी
हो लला हो लला -२
बदतमीज़ कहो या ...

प्यार करना कोई जुर्म कब है सनम प्यार मेरा ख़ुदा प्यार मेरा धरम
प्यार मैने किया क्या गुनाह कर दिया तुम सोचो ज़रा तुमको मेरी क़सम
हो लला हो लला -२
बदतमीज़ कहो या ...



Thursday, December 4, 2008

बाबू समझो इशारों हारन पुकारो पं पं पं : फ़िल्म : चलती का नाम गाड़ी

बाबू समझो इशारे हौरन पुकारे पम पम पम
यहाँ चलती को गाड़ी कहते हैँ प्यारे पम पम पम

री बाब्बा री बा बा बा री बाबा री बा बा बा री बाब्बा

सौ बातों की एक बात यही है
क्या भला तो क्या बुरा कामयाबी में ज़िंदगी है
टूटी-फूटी सही चल जाए ठीक है
सच्ची-झूठी सही चल जाए ठीक है
आड़ी-तिरछी चला-चला के झूम
आड़ी चला-चला के झूम
तिरछी चला-चला के झूम
बजू ...

( yudili....)


इतनी सी बात न समझा ज़माना
आदमी जो चलता रहे तो मिल जाए हर ख़ज़ाना
शोहरत है चीज़ क्या चलने का नाम है
इज़्ज़त है चीज़ क्या चलने का नाम है
आड़ी-तिरछी चला-चला के झूम
आड़ी चला-चला के झूम
तिरछी चला-चला के झूम
बजू ...

हिलमिल के चलना यूँ ही साथी
अरे बंद मुट्ठी लाख की और खुले तो प्यारे ख़ाक की
मुश्किल जो आ पड़े ठोकर से टाल दे
परबत भी हो खड़े फिर मिल के टाल दे
जो समझा ये उसी की मची धूम
जो समझा उसी को मची धूम
बाजू ...

बागड़ बम बम बम बाजे डमरू ....फ़िल्म : खट पुतली

बागड़ बम बम बम बाजे डमरू
नाच रे मयूर झनझना के घुँघरू
बागड़ बम बम ...

आसमाँ पे आज देखो सात रंग छाए
अपने दिल में आग ले के बादल कारे आए
बादल गरजे मेघ बरसे चहुँ ओर सावन लहराए
नाच रे मयूर ...

मच रहा है डार-डार पंछियों का शोर
आ गई है प्यार ले के अब सुहानी भोर
भँवरा झूमे-झूमे-झूमे बाँध प्रीत की डोर
नाच रे मयूर ...

बचपन के दिन बुला न देना ..फ़िल्म :दीदार (1951)

ल:ओ ओ ओ
बचपन के दिन भुला न देना -२
श: आज हँसे कल रुला न देना -२
दो: ओऽ बचपन के दिन भुला न देना
श: ( लम्बे हैं जीवन के रस्ते
आवो चलें हम गाते-हँसते ) -२
गाते-हँसते
आ........
ल: ( दूर देश एक महल बनायें
प्यार का जिसमें दीप जलायेँ ) -२
दीप जलायें
श: दीप जलाकर बुझा न देना
दो: आज हँसे कल रुला न देना
ओऽ बचपन के दिन भुला न देना
ल: ( रुत बदले या जीवन बीते
दिल के तराने हों न पुराने ) -२
श: हा......................
नैनों में बन कर सपन सुहाने
आयेंगे एक दिन यही ज़माने
ल: हा........................
श: नैनों में बन कर सपन सुहाने
आयेंगे एक दिन यही ज़माने
यही ज़माने
ल: याद हमारी मिटा न देना
दो: आज हँसे कल रुला न देना
ओऽ बचपन के दिन भुला न देना

2nd version




श: ओऽ बचपन के दिन भुला न देना
आज हँसे कल रुला न देना -२
ओऽ बचपन के दिन भुला न देना


3rd version


र: ओऽ बचपन के दिन भुला न देना
आज हँसे कल रुला न देना -२
ओऽ बचपन के दिन भुला न देना

बचपन की मोहब्बत को ...फ़िल्म : बैजू बावरा

बचपन की मोहब्बत को दिल से न जुदा करना
घर मेरी उम्मीदों का सूना किए जाते हो
दुनिया ऐ मुहब्बत की लूटे लिए जाते हो
जो ग़म दिए जाते हो उस ग़म की दुआ करना
जब याद मेरी आए ...

सावन में पपीहा का सँगीत सुनाऊँगी
फ़रियाद तुझे अपनी गा-गा कर सुनाऊँगी
आवाज़ मेरी सुन के दिल थाम लिया करना
जब याद मेरी आए ...

भला करने वाले भलाई किए जा ..फ़िल्म : घर संसार

भला करने वाले भलाई किए जा
बुराई के बदले दुआएँ दिए जा
भला करने वाले ...

चले आँधियाँ ग़म के तूफ़ान आएँ
तेरे ये क़दम डगमगाने न पाएँ
घुटे दम तो क्या साँस फिर भी लिए जा
बुराई के बदले ...

घड़ी दो घड़ी के हैं बादल ये काले
ये दिन तो हमेशा नहीं रहने वाले
सहे जा सितम आँसुओं को पिए जा
बुराई के बदले ...

ज़माना हँसे भूल ऐसी न करना
ये है बुज़दिली तेरा मरना
ये मत भूल तू बाप है और पति भी
तेरे साथ मासूम ज़िन्दगी भी
तेरे बाद दुनिया में क्या उनका होगा
कहाँ उनको जग में सहारा मिलेगा
उन्हीं के लिए मुस्करा के जिए जा
बुराई के बदले ...

भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना ..फ़िल्म : चोटी बहेन

भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना
भैया मेरे, छोटी बहन को न भुलाना
देखो ये नाता निभाना, निभाना
भैया मेरे...

ये दिन ये त्योहार खुशी का, पावन जैसे नीर नदी का
भाई के उजले माथे पे, बहन लगाए मंगल टीका
झूमे ये सावन सुहाना, सुहाना
भैया मेरे...

बाँध के हमने रेशम डोरी, तुम से वो उम्मीद है जोड़ी
नाज़ुक है जो दाँत (?) के जैसे, पर जीवन भर जाए न तोड़ी
जाने ये सारा ज़माना, ज़माना
भैया मेरे...

शायद वो सावन भी आए, जो बहना का रंग न लाए
बहन पराए देश बसी हो, अगर वो तुम तक पहुँच न पाए
याद का दीपक जलाना, जलाना
भैया मेरे...

Wednesday, December 3, 2008

आ अब लौट चले ...फ़िल्म : जिस देश में गंगा बहती है

मु : आ अब लौट चलें -२
नैन बिछाए बाँहें पसारे तुझको पुकारे देश तेरा
ल : आ जा रे -२
को : आ आ आ

मु : सहज है सीधी राह पे चलना
देख के उलझन बच के निकलना
कोई ये चाहे माने न माने
बहुत है मुश्किल गिर के स.म्भलना
आ अब लौट चलें ...

आँख हमारी मंज़िल पर है
दिल में ख़ुशी की मस्त लहर है
लाख लुभाएँ महल पराए
अपना घर फिर अपना घर है
आ अब लौट चलें ...

आई आई आ सुक्कू सुकू ...फ़िल्म :जंगली

अई अई आ सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू -२
खो गया दिल मेरा सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू

कोई मस्ताना कहे कोई दीवाना कहे
कोई परवाना कहे जलने को बेक़रार
चाहत का मुझपे असर मैं दुनिया से बेख़बर
चलता हूँ अपनी डगर मंज़िल है मेरी प्यार
अई अई आ सूकू सूकू
खो गया दिल मेरा सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू

अई अई आ सूकू सूकू

चौंको मत ऐ दोस्तो यूँ ही मुझसे मत डरो
मेरे भोले प्यार को नादानी ना समझो
हाथों में जो हाथ है जीवन भर का साथ है
सीधी-सच्ची बात है कहानी ना समझो
अई अई आ सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू
खो गया दिल मेरा सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू

अई अई आ सूकू सूकू

मेरी आँखों में नशा मेरी बातों में नशा
मेरी साँसों में नशा बहका मैं बिन पिए
घुटती-घुटती बेबसी सहमी-सहमी हर घड़ी
बिन चाहत क्या ज़िन्दगी जीता मैं किसलिए
अई अई आ सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू
खो गया दिल मेरा सूकू सूकू
अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू

को: अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू -२

अई अई आ सूकू सूकू

को: अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू

सूकू सूकू

को: अई अई आ करूँ मैं क्या सूकू सूकू

अंधेरे में जो बैठे है ...फ़िल्म : सम्बन्ध

अंधेरे में जो बैठे हैं, नज़र उन पर भी कुछ डालो
अरे ओ रोशनी वालों
बुरे हम हैं नहीं इतने, ज़रा देखो हमें भालो
अरे ओ रोशनी वालों ...

क़फ़न से ढाँप कर बैठे हैं हम सपनों की लाशों को
जो क़िस्मत ने दिखाए, देखते हैं उन तमाशों को
हमें नफ़रत से मत देखो, ज़रा हम पर रहम खा लो
अरे ओ रोशनी वालों ...

हमारे भी थे कुछ साथी, हमारे भी थे कुछ सपने
सभी वो राह में छूटे, वो सब रूठे जो थे अपने
जो रोते हैं कई दिन से, ज़रा उनको भी समझा लो
अरे ओ रोशनी वालों ...

आवारा हूँ ..फ़िल्म : आवारा

आवारा हूँ, आवारा हूँ
या गर्दिश में हूँ आसमान का तारा हूँ ) - २
आवारा हूँ, आवारा हूँ

घरबार नहीं, संसार नहीं
मुझसे किसीको प्यार नहीं - २
उसपार किसीसे मिलने का इक़रार नहीं
मुझसे किसीको प्यार नहीं - २
सुनसान नगर अन्जान डगर का प्यारा हूँ
आवारा हूँ, आवारा हूँ

आबाद नहीं बरबाद सही
गाता हूँ खुशीके गीत मगर - २
ज़ख्मों से भरा सीना है मेरा
हंसती है मगर ये मस्त नज़र
दुनिया ...


दुनिया में तेरे तीर का या तकदीर का मारा हूँ
आवारा हूँ, आवारा हूँ
या गर्दिश में हूँ आसमान का तारा हूँ
आवारा हूँ, आवारा हूँ

अपलम चपलम ....फ़िल्म :आजाद

अपलम चपलम
चप लायी रे दुनिया को छोड़
तेरी गली आयी रे आयी रे आयी रे
अपलम चपलम ...

बड़ा मजबूर किया, हाय! तेरे प्यार ने
मार दिया मार दिया, हाय! तेरे प्यार ने
अब पछताये दिल, हाय! कित जाये दिल
काहे को ये आग लगायी रे लगायी रे लगायी रे
अपलम चपलम ...

टेढ़ा मेढ़ा खेल है ये प्यार जो मैं जानती
भूल के भी बात कभी दिल की न मानती
दिल बेइमान हुआ, देखो जी पराया हुआ
रोये रोये जाण गँवायी रे गँवायी रे गँवायी रे
अपलम चपलम ...

दग़ा देने वाला देखो कैसा दग़ा दे गया
छोड़ गया याद और दिल मेरा ले गया
मैं ने ही क़ुसूर किया, ऐसे को जो दिल दिया
सुध बुध सब बिसराई रे
अपलम चपलम ...

औरत ने जनम दिया मर्दों को ...फ़िल्म : सादना

औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा कुचला मसला, जब जी चाहा दुत्कार दिया

तुलती है कहीं दीनारों में, बिकती है कहीं बाज़ारों में
नंगी नचवाई जाती है, ऐय्याशों के दरबारों में
ये वो बेइज़्ज़त चीज़ है जो, बंट जाती है इज़्ज़तदारों में

मर्दों के लिये हर ज़ुल्म रवाँ, औरत के लिये रोना भी खता
मर्दों के लिये लाखों सेजें, औरत के लिये बस एक चिता
मर्दों के लिये हर ऐश का हक़, औरत के लिये जीना भी सज़ा

जिन होठों ने इनको प्यार किया, उन होठों का व्यापार किया
जिस कोख में इनका जिस्म ढला, उस कोख का कारोबार किया
जिस तन से उगे कोपल बन कर, उस तन को ज़लील-ओ-खार किया

मर्दों ने बनायी जो रस्में, उनको हक़ का फ़रमान कहा
औरत के ज़िन्दा जल जाने को, कुर्बानी और बलिदान कहा
क़िस्मत के बदले रोटी दी, उसको भी एहसान कहा

संसार की हर एक बेशर्मी, गुर्बत की गोद में पलती है
चकलों में ही आ के रुकती है, फ़ाकों में जो राह निकलती है
मर्दों की हवस है जो अक्सर, औरत के पाप में ढलती है

औरत संसार की क़िस्मत है, फ़िर भी तक़दीर की होती है
अवतार पयम्बर जनती है, फिर भी शैतान की बेटी है
ये वो बदक़िस्मत माँ है जो, बेटों की सेज़ पे लेटी है

आजार ऐ ऐ ऐ परदेशी ....फ़िल्म : मधुमती

आ जा रे ऐ ऐ ऐ परदेसी
मैं तो कब से खड़ी इस पार
ये अँखियाँ, थक गई पंथ निहार
आ जा रे, परदेसी

(तुम संग जनम जनम के फेरे
भूल गये क्यूँ साजन मेरे ) - २
तड़पत हूँ मैं सांझ सवेरे, ओ ...
आ जा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार ...

(मैं नदिया फिर भी मैं प्यासी
भेद ये गहरा बात ज़रा सी ) - २
बिन तेरे हर रात उदासी, ओ ...
आ जा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार ...

मैं दिये की ऐसी बाती
जल न सकी जो बुझ भी न पाती
आ मिल मेरे जीवन साथी, ओ ...
आ जा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार ...

अंधे जहाँ के अंधे रास्ते जाएँ तो जाएँ कहाँ ...फ़िल्म : पतिता

अंधे जहान के अंधे रास्ते, जाएं तो जाएं कहाँ
दुनिया तो दुनिया, तू भी पराया, हम यहाँ ना वहाँ

जीने की चाहत नहीं, मर के भी राहत नहीं
इस पार आँसू, उस पार आहें, दिल मेरा बेज़ुबां
अंधे जहान के ...

हम को न कोई बुलाए, ना कोई पलकें बिछाए
ऐ ग़म के मारों, मंज़िल वहीं है, दम ये टूटे जहाँ
अंधे जहान के ...

आग़ाज़ के दिन तेरा अंजाम तय हो चुका
जलते रहें हैं, जलते रहेंगे, ये ज़मीं आसमां
अंधे जहान के ...

Tuesday, December 2, 2008

तेरा द्वार खडा एक जोगी ..फ़िल्म : नागिन

काशी देखी, मथुरा देखी, देखे तीरथ सारे
कहीं न मन का मीत मिला तो आया तेरे द्वारे

तेरे द्वार खड़ा एक जोगी - २
न माँगे यह सोना चाँदी माँगे दर्शन देवी
तेरे द्वार ...

(दुनिया से मुख मोड़ा तेरे लिये जग छोड़ा
छोड़ दिया घर-बार) - २
बन-बन छाना मैंने, तुझे देवी माना मैंने
सुन ले मेरी पुकार - २
न माँगे यह सोना चाँदी माँगे दर्शन देवी
तेरे द्वार ...

(करके जतन आया, मन में अगन लाया
अखियों में दर्शन-प्यास) - २
प्रीत की भीक्षा, प्रेम की दीक्षा
माँग रहा यह दास - २
न माँगे यह सोना चाँदी माँगे दर्शन देवी
तेरे द्वार ...

तेरा तीर ओ बेफिर दिल के अराम्पार है ..फ़िल्म :शरारत

तेरा तीर ओ बेपीर दिल के आरम्पार है
जाने किसकी जीत है ये जाने किसकी हार है
तेरा तीर ओ बेपीर ...

रातों को निंदिया न दिन को क़रार है
कोई कहे प्रीत है कोई कहे प्यार है

भूल से मैं एक बार तेरी गली आ गई
लड़ गए नैना नज़र टकरा गई
रसिया की रस भरी बातों में आ गई
दिल दे बैठी मैं हाय धोखा खा बैठी
उलझे नैन में न चैन दिल भी बेक़रार है
जाने किसकी जीत ...

लाख मैने चाहा मैं प्यार छुपाऊँगी
तूने मुझे छेड़ा मैं तुझको सताऊँगी
नैन डोर बाँध इशारों पे नचाऊँगी
मुझे क्या ख़बर थी मैं ख़ुद ही बँध जाऊँगी
तेरी प्रीत तेरे गीत तू ही तो बहार है
रातों को निंइद्या ...

तेरा जाना दिल के अरमानों का लुट जाना ..फ़िल्म : अनाडी

तेर जाना दिल के अरमानों का लुट जाना ) -२
कोई देखे -२
बन के तक़दीरों का मिट जाना
तेरा जान

तेरा ग़म तेरी ख़ुशी
मेरा ग़म मेरी ख़ुशी
तुझसे ही थी ज़िन्दगी
हँस कर हमने था कहा
जीवन भर का साथ है
ये कल ही की बात है


तेरा जाना
दिल के अरमानों का लुट जाना
कोई देखे -२
बन के तक़दीरों का मिट जाना
तेरा जान

जब-जब चन्दा आयेगा
तेरी याद दिलायेगा
सारी रात जगायेगा
मैं रो कर रह जाऊँगी
दिल जब ज़िद पर आयेगा
दिल को कौन मनायेगा

तेरा जाना
दिल के अरमानों का लुट जाना
कोई देखे -२
बन के तक़दीरों का मिट जाना
तेरा जान

ते के मैं झूट बोलिया ....फ़िल्म :: जागते रहो

ऐवें दुनिया देवे दुहाई झूठा पांवदी शोर
अपने दिल ते पूछ के देखो कौन नहीं है चोर


ते कि मैं झूठ बोलया कोई न
ते कि मैं कुफ़र तोलिया कोई ना
ते कि मैं ज़हर घोलिया कोई ना भई कोई ना भई कोई ना

हक़ दूजे दा मार-मार के बणदे लोग अमीर
मैं ऐनूं कहेंदा चोरी दुनिया कहंदी तक़दीर
ते कि मैं झूठ बोलया ...

ओ हट के भ्रा जी बच के
वेखे पंडित ज्ञानी ध्यानी दया-धर्म दे बन्दे
राम नाम जपदे खान्दे गौशाला दे चन्दे
ते कि मैं झूठ बोलया ...

सच्चे फाँसी चढ़दे वेखे झूठा मौज उड़ाए
लोकी कैहंदे रब दी माया मैं कहंदा अन्याय
ते कि मैं झूठ बोलया ...


तस्वीर बनता हूँ तस्वीर नहीं बनती ....फ़िल्म : बरदारी

तसवीर बनाता हूँ, तसवीर नहीं बनती,

तसवीर नहीं बनती

एक ख्वाब सा देखा है, ताबीर नहीं बनती,

तसवीर नहीं बनती

तसवीर बनाता हूँ ...

बेदर्द मुहब्बत का, इतना सा है अफ़साना - २

नज़रों से मिली नज़रें, मैं हो गया दीवाना

अब दिल के बहलने की, तदबीर नहीं बनती,


तसवीर नहीं बनती

तसवीर बनात हूँ ...

दम भर के लिये मेरी, दुनिया में चले आओ - २

तरसी हुई आँखों को, फिर शक्ल दिखा जाओ

मुझसे तो मेरी बिगड़ी, तकदीर नहीं बनती,

तसवीर नहीं बनती

तसवीर बनात हूँ ...

ता थैय्या करते आना ..फ़िल्म : पंचायत


geeta dutt song in a 1958 film:



ता थैय्या करते आना

ओ रे जादूगर मोरे सैंय्या

मेरी दिल की लगी बुझाना

ओ रे जादूगर मोरे सैंय्या

मैं सदके उन राहों पे

जिन राहों से तू आये

दिल माँगे यही दुआएं

ये राहें कम हो जायें

अब आओ न, तरसाओ न

आ जाओ न, तड़पाओ न

ता थैय्य ...

तुम सामने तो आ जाओ

दे देंगे दिल नज़राना

दिल क्या है जान भी ले लो

आ जाना करके बहाना

अब आओ न, तरसाओ न

आ जाओ न, तड़पाओ न

ता थैय्य ...

Thursday, November 27, 2008

Mumbai blasts...worst disaster










Four top officers among 11 cops killed in Mumbai


NSG Commandos enter Taj, Trident hotels; firing on




Describing the terror attacks in Mumbai, which claimed 80 lives, as the `worst-ever' in the city, Maharashtra Governor S C Jamir on Wednesday said the strikes targeted innocent civilians and gallant police officers. "My heart goes out to innocent people and the brave police officers who became martyrs while discharging their duty," Jamir said. Anti-Terrorism Squad (ATS) chief Hemant Karkare was among the policemen killed in encounters with the terrorists. "I express strong resolve of the Maharashtra Government that terrorists will be brought to justice," he asserted. Over 270 people were injured in the explosions and firings since last night at several places in the metropolis. Five-star hotels and Mumbai CST railway stations were among the targets।




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Wednesday, November 26, 2008

सुन मेरे बन्धुरे ,सुन मेरे मितवा ..फ़िल्म > सुजाता

सुन मेरे बंधू रे, सुन मेरे मितवा
सुन मेरे साथी रे

होता तू पीपल, मैं होती अमर लता तेरी
तेरे गले माला बन के, पड़ी मुसकाती रे
सुन मेरे साथी रे
सुन मेरे बंधू रे ...
दीया कहे तू सागर, मैं होती तेरी नदिया
लहर बहर कर तू अपने, पीया चमन जाती रे
सुन मेरे साथी रे
सुन मेरे बंधू रे ...

सैय्या झूटों का बड़ा सरताज निकला ..फ़िल्म : दो आँखे बाराह हाथ

सैंया झूठों का बड़ा सरताज निकला
मुझे छोड़ चला, मुख मोड़ चला
दिल तोड़ चला बड़ा धोखेबाज निकला
सैंया झूठों का ...

चल दिया ज़ुल्मी मुझसे बहाना बना
मेरे नन्हे से दिल को निशाना बना
बड़ा तीखा वो तीरन्दाज निकला
मुझे छोड़ चला ...
सैंया झूठों का ...

मैंने इक दिन ज़रा सी जो की मसखरी
चल दिया नज़रें घुमाके वो गुस्से भरी
मेरा छैला बड़ा नाराज निकला
मुझे छोड़ चला ...
सैंया झूठों का ...

परदेसी की प्रीत बड़ी होती बुरी
जैसे मीठी ज़हर भरी हो तीखी छुरी
मैं तो भोली सी वो चालबाज निकला
मुझे छोड़ चला ...
सैंया झूठों का ...

कुछ दिनों से पिया हम से ना बोलता
न हमारा घूँघटवा का पट खोलता
इस गुप-चुप का
इस गुप-चुप का भेद देखो आज निकला
मुझे छोड़ चला ...

सर पे टोपी लाल हाथ में रेशम का रुमाल ..फ़िल्म :तुम सा नहीं देखा

सर पे टोपी लाल, हाथ में रेशम का रूमाल, हो, तेरा क्या कहना
गोरे-गोरे गाल पे उलझे-उलझे बाल, हो, तेरा क्या कहना

मेरा दिल तो जान-ए-जां, चुराके चली कहाँ, नशे में भरी-भरी
चुराऊँ मैं दिल तेरा, जिगर भी नहीं मेरा, उमर भी नहीं मेरी
बहकी-बहकी चाल, हाय, लचके जैसे डाल, हो, तेरा क्या कहना
सर पे टोपी ...

हो, ये क्यों दिल पे हाथ है, वो क्या ऐसी बात है, हमें भी बताइए
भला इतनी दूर से, कहूँ क्या हुज़ूर से, ज़रा पास आइए
हो हो के बेहाल बालमा, ये सतरँगी चाल, हो, तेरा क्या कहना

गोरे गोरे गाल ...

तमन्ना थी कम-से-कम, कोई फूल बनके हम तेरी ज़ुल्फ़ चूमते
रही आर्ज़ू सनम, तेरा रूप लेके हम, शरानी से झूमते
बहकी-बहकी चाल, हाय, लचके जैसे डाल, हो, तेरा क्या कहना
सर पे टोपी ...

सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए ..फ़िल्म :प्यासा

सर जो तेरा चकराये, या दिल डूबा जाये
आजा प्यारे पास हमारे, काहे घबराय, काहे घबराय

(तेल मेरा है मुस्की, गन्ज रहे न खुस्की
जिस के सर पर हाथ फिरा दूँ, चमके किस्मत उसकी ) - २
सुन सुन सुन, अरे बेटा सुन, इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूँ ना आज़माये
कहे घबराये, कहे घबराये
सर जो तेरा ...

(प्यार का होवे झगड़ा, या बिज़िनेस का हो रगड़ा
सब लफ़ड़ों का बोझ हटे जब पड़े हाथ इक तगड़ा ) - २
सुन सुन सुन, अरे बाबू सुन, इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूँ ना आज़माये
कहे घबराये, कहे घबराये
सर जो तेरा ...

(नौकर हो या मालिक, लीडर हो या पबलिक
अपने आगे सभी झुकें हैं, क्या राजा क्या सैनिक ) - २
सुन सुन सुन, अरे बेटा सुन, इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूँ ना आज़माये
कहे घबराये, कहे घबराये
सर जो तेरा ...

सैय्या दिल में आना रे फ़िल्म : बहार ....(१९५१ )

सैंया दिल में आना रे
आके फिर न जाना रे
ओ आके फिर न जाना रे
छम छमा छम छम
राज बन के आना रे
मोहे लेके जाना रे
ओ मोहे लेके जाना रे
छम छमा छम छम

चाँदनी रात होगी तारों की बरात होगी/२
पहली पहली प्यार की पहली पहली बात होगी/२
खुशी खुशी से गाएंगे हम गीत सुहाना रे
सैंया दिल में आना रे
आके फिर न जाना रे
ओ आके फिर न जाना रे
छम छमा छम छम

थोड़ी थोड़ी खेल होगी थोड़ा थोड़ा प्यार होगा/२
कभी इकरार होगा कभी इनकार होगा/२
तेरा मनना मेरा रूठ जाना रे
सैंया दिल में आना रे
आके फिर न जाना रे
ओ आके फिर न जाना रे
छम छमा छम छम

तुम मेरे पास होगे ग़म बदे दूर होगा/२
केह्त है जिया मेरा होग ज़रूर होगा/२
लाना रे लाना ? लाना रे
सैंया दिल में आना रे
आके फिर न जाना रे
ओ आके फिर न जाना रे
छम छमा छम छम
राज बन के आना रे
मोहे लेके जाना रे
ओ मोहे लेके जाना रे
छम छमा छम छम

Tuesday, November 25, 2008

सुनो जाना सुनो जाना फ़िल्म : हम सब उस्ताद है

सुनो जानाँ सुनो जानाँ मेरे पहलू से मत जाना

अगर जाना तो यूँ जाना जुदा सर तन से कर जाना
सुनो जानाँ ...

ये चेहरा क्यूँ छुपाए हो ये दामन क्यों बचाए हो
ज़रा बैठो चले जाना कई दिन में तो आए हो
तुम इक रंगीन धोखा हो नहीं मालूम क्या-क्या हो
तुम्हें तकलीफ़ तो होगी घड़ी भर को ठहर जाना
सुनो जानाँ ...

निगाह-ए-नाज़ की बातें जवाँ-अंदाज़ की बातें
अभी तो तुमसे करनी हैं बहुत सी राज़ की बातें
अभी से बेवफ़ाई है दुहाई है दुहाई है
मेरे पास आओ पहले फिर जिधर चाहो उधर जाना
सुनो जानाँ ...

ये आख़िर कैसा वादा है कहो अब क्या इरादा है
मुझे दिल दे के दिल ले लो सौदा सीधा-सादा है
तुम्हें पहचानने वाले नहीं यूँ मानने वाले
कहीं तुम बातों-बातों में न अपना काम कर जाना
सुनो जानाँ ..
.

सुन सुन सुन जालिमा फ़िल्म : आर पार

सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
प्यार हमको तुमसे हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा
तुझको मेरे प्यार की क़सम

प्यार की नज़र से दूर यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
हुस्न तू है इश्क़ मैं कर भी ले नज़र को चार
चार मैं नज़र करूँ और फिर हुज़ूर से
पास यूँ न आईए बात कीजे दूर से
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा ...

दुर कब तलक रहूँ, फूल तू है रंग मैं
मैं तो हूँ तेरे लिये, डोर तू पतंग मैं
कट गई पतंग जी, डोर अब न डालिये
और किसी के सामने जा के दिल उछालिये
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा ...

बात रह न जाये फिर, वक़्त ये गुज़र न जाये
मेरे प्यार का ये हार टूट कर बिखर न जाये
प्यार प्यार कह के तू दिल मेरा न लूट रे
कह रहा है तू जो बात, हो ना झूठ-मूठ रे
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा ...

सुन ले पुकार आई ....फ़िल्म : फूल और पत्थर

दिया ना बुझे मेरे घर का
मेरी तक़दीर के मालिक

सुन ले पुकार आई आज तेरे द्वार -२
लेके आँसुओं की धार मेरे साँवरे -२
मैं तो एक भीख माँगूँ तोसे फैला के हाथ रे
सुन ले पुकार ...

बिनती करूँ मैं तोसे जग के खिवैया -२
डूब न जाए मेरी आशा की नैया -२
किसको दिखाऊँ जा के दर्द मैं अपना
कोई नहीं है मेरा ( कृष्ण कन्हैया ) -२
सुन ले पुकार ...

मैने प्रभु आज तक कुछ नहीं माँगा -२
आज तो दान दे-दे अपनी दया के
बदले में चाहे मेरी जान भी ले-ले
बचा ले सहारा दाता ( इस दुखिया का ) -२
सुन ले पुकार ...

सुभान अल्लाह हाय हसीं चेहरा हाय ..फ़िल्म : काश्मीर की कलि

सुभान अल्लाह हाय हसीं चेहरा हाय
सुभान अल्लाह हसीं चेहरा ये मस्ताना अदाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे हर बला से हर बला से

तुम्हें देखा हाय तो दिल बोला हाय
तुम्हें देखा तो दिल बोला तुमको दूँ दुआएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे ...

करे पूजा ज़माना जिसकी वो तस्वीर हो तुम
मिला करती है जन्नत जिससे वो तक़दीर हो तुम
क़मर पतली हाय नज़र बिजली हाय ज़ुल्फ़ें हैं या घटाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे ...

न जाने किसकी क़िस्मत में है मुखड़ा चाँद सा ये
न जाने किसके घर चमकेगा टुकड़ा चाँद का ये
इजाज़त हो तो फिर हम भी मुक़द्दर आज़माएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे ...

बड़ी हसरत से तुमको देखता है ये ज़माना
सुनाना चाहता है हर कोई अपना फ़साना
कोई दिल हो कोई महफ़िल जहाँ भी आप जाएँ

सुल्ताना सुल्ताना तू न घबराना ..फ़िल्म : श्रीमान फंटूश

कि : सुल्ताना सुल्ताना तू न घबराना
तेरे-मेरे प्यार को क्या रोकेगा ज़माना
तोड़ के सब दीवारें तुझको ले जाएगा दीवाना
ल : सुलेमान सुलेमान तू न घबराना
तेरे-मेरे प्यार को क्या रोकेगा ज़माना
शमा उसी महफ़िल में जलेगी जिसमें होगा परवाना

तेरी हो जाऊँ मैं दौड़ी चली आऊँ
मेरा नाम ले के पुकारो तो ज़रा
कि : मैं तेरा हो जाऊँ जान-ओ-दिल लुटाऊँ
कभी अपनी ज़ुल्फ़ें सँवारो तो ज़रा
ल : जब ये ज़ुल्फ़ें
कि : लहराएँ
ल : काले बादल
कि : छा जाएँ
ल : तौबा बन जाए अफ़साना
कि : सुल्ताना सुल्ताना ...

क्या चुप रहेंगे भला ये कब कहेंगे
के होँठों पे अपने रुकी है कोई बात
ल : दुनिया ने हाय पहरे हैं लगाए
अभी तो है मुश्किल हमारी मुलाकात
कि : दुश्मन मेरे
ल : सो जाएँ
कि : जब अँधेरे
ल : हो जाएँ
कि : मेरे ख़्वाबों में आ जाना
सुल्ताना सुल्ताना ...

Sunday, November 23, 2008

सोजा राज कुमारी सोजा ...फ़िल्म : जिंदगी (सैगल साब का गाना )

सो जा (slow)
सो जा राजकुमारी सो जा
सो जा मैं बलिहारी सो जा
सो जा राजकुमारी सो जा

सो जा मीठे सपने आएँ
सपनों में पी दरस दिखाएँ - २
उड़ कर रूपनगर में जाएँ - २
रूपनगर की सखियां आएँ - २
राजाजी माला पहनाएँ - २
चूमे मांग तिहारी सो जा
सो जा राजकुमारी सो जा

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम : फ़िल्म: गीत गाता चल

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम

साँवरे की बंसी को बजने से काम
राधा का भी श्याम वोतो मीरा का भी श्याम

जमुना की लहरें बंसीबट की छैयां
किसका नहीं है कहो कृष्ण कन्हैया
श्याम का दीवाना तो सारा बृज धाम
लोग करें मीरा को ...
कौन जाने बाँसुरिया किसको बुलाए
जिसके मन भाए वो उसी के गुण गाए
कौन नहीं बंसी की धुन का गुलाम
राधा का भी ...

शीशे से पी या पैमाने से पी ..फ़िल्म : फूल और पत्थर

शीशे से पी, या पैमाने से पी
या मेरी आँखों के मैख़ाने से पी
पर पी दीवाने, ख़ुशी से जी दीवाने) -२
शीशे से पी, या पैमाने से पी

(हुस्न खड़ा है तेरी राहों में
डाल दे बाहें ज़रा बाहों में) -२
रात सुहानी है, बहकी जवानी
पी ले निगाहों ही निगाहों में

(जान ले आँखों के इशारों को
लूट ले दुनिया की बहारों को) -२
मैं हूँ सनम तेरी

तुझको क़सम मेरी
छेड़ ले तू भी दिल के तारों को

(देख ये घड़ी फिर ना आयेगी
ज़ुल्फ़ों की घटा फिर ना छायेगी
बात समझ मेरी
कल ये उमर तेरी
मौसम की तरह बीत जायेगी

शराबी शराबी ये सावन का मौसम ..फ़िल्म :नूरजहाँ

शराबी-शराबी ये सावन का मौसम
ख़ुदा की क़सम ख़ूबसूरत न होता
अगर इसमें रंग-ए-मुहब्बत न होता
शराबी-शराबी ...

सुहानी-सुहानी ये कोयल की कूकें
उठाती हैं सीने में रह-रह के हूकें
छलकती है मस्ती घने बादलों से
उलझती हैं नज़रें हसीँ आँचलों से
ये पुरनूर मंज़र
ये पुरनूर मंज़र ये रंगीन आलम
ख़ुदा की क़सम ख़ूबसूरत न होता
अगर इसमें रंग-ए-मुहब्बत न होता
शराबी शराबी ...

गुलाबी-गुलाबी ये फूलों के चेहरे
ये रिमझिम के मोती ये बूँदों के सेहरे
कुछ ऐसी बहार आ गई है चमन में
के दिल खो गया है इसी अंजुमन में
ये महकी नशीली
ये महकी नशीली हवाओं का परचम
ख़ुदा की क़सम ख़ूबसूरत न होता
अगर इसमें रंग-ए-मुहब्बत न होता
शराबी शराबी ...

ये मौसम सलोना अजब ग़ुल खिलाए
उमंगें उभारे उम्मीदें जगाए
वो बेताबियाँ दिल से टकरा रहीं हैं
के रातों की नींदें उड़ी जा रहीं हैं
ये सहर-ए-जवानी
ये सहर-ए-जवानी ये ख़्वाबों का आलम
ख़ुदा की क़सम ख़ूबसूरत न होता
अगर इसमें रंग-ए-मुहब्बत न होता
शराबी शराबी ...

सैंया ले गयी जिया तेरी पहली नजर फ़िल्म : एक फूल दो माली

सैयाँ ले गई जिया तेरी पहली नज़र -२
कैसा जादू किया तूने मोपे ओ जादूगर
सैयाँ ले गई ...

( पहले लगत इक सपना सा
अब तो लगत मोहे अपना सा ) -२
ले चल हाथ पकड़ के सजना चाहे जिधर
सैयाँ ले गई ...

( आ गई बलम तेरी बातों में
क्या है न जाने तेरी आँखों में ) -२
भूल गई मैं प्यार में तेरे अपनी डगर
सैयाँ ले गई ...

( जानूं कि तू हरजाई है
सोचूँ क्यूँ आँख मिलाई है ) -२
लेकिन तुझको देख रही ना अपनी ख़बर
सैयाँ ले गई ...