Thursday, August 28, 2008

मै कही कवि न बन जावू ...फ़िल्म: प्यार ही प्यार

मै कही कवी ना बन जाऊ, तेरे प्यार में ए कविता

तुजे दिल के आईने में, मैंने बार बार देखा

तेरी अखादीयों में देखा, तो छलकता प्यार देखा

तेरा तीर मैंने देखा, तो जिगर के पार देखा

मेरा दिल लुभा रहा है, तेरा रूप सादा सादा

ये जुकी जुकी निगाहें करे प्यार दिल में ज्यादा

मई तुजी पे जान दूंगा हैं यही मेरा इरादा



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