Monday, June 23, 2008

चढ़ थी जवानी मेरी ......( कारवान )

होए, चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तुने कदर न जानी राम
हाय राम, हाय राम, हाय राम
उलझे काहे रे मैं हूँ
सूरत में तुझसे बढ़ के कहीं
ठहरी तू
है जवान तो
मैं भी सजीला, कुछ कम नही
हाय, दुनिया हुयी रे मेरे प्यार में दीवानी
लाखों की मैं दिलजानी राम
चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी...
वोह कौन ऐसी है जिसका
है रूप ऐसा जादू भरा
लाये मैं भी तो देखूं
तू जिसकी धुन में है बावरा
होए, उसके कदम चूमे तेरी जवानी
वोह है सहर की रानी राम
चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तुने कदर न जानी राम
हाय राम, होए राम, हाय राम
अब तो तोहे बताना
होगा रे कैसी
छब है मेरी
ओह हो मैंने कहाँ कब
दिखने में तू है, ऐसी बुरी
हाय देखे जो मोहे तेरे प्यार की वोह रानी
हो जाए सरम से पानी रामा
होए चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तुने कदर न जानी राम
हो राम, हो राम, हो राम.

2 comments:

Shwetha said...

One of my all time fav's Sir jee :DDD

vinayakam said...

this may be a ONE of ur fav//
Dont worry I will post ALL..