Thursday, July 10, 2008

इस मोड़ से जाते है ......फ़िल्म :आंधी

इस मोड़ से जाते है, कुछ सुस्त कदम रस्ते

कुछ तेज कदम राहे

पत्थर की हवेली को, शीशे के घरोंदो में

तिनको के नशेमन तक

इस मोड़ से जाते है...



आंधी की तरह उड़कर, एक राह गुजराती है

शरमाती हुयी कोई, कदमो से उतरती है

इन रेशमी राहो में, एक राह तो वो होगी

तुम तक जो पहुचती है

इस मोड़ से जाते है..



एक दूर से आती है,पास आके पलटती है

एक राह अकेली सी, रुकती हैं ना चलती है

ये सोच के बैठी हूँ, एक राह तो वो होगी

तुम तक जो पहुचती है

इस मोड़ से जाते है.. ..

2 comments:

advocate rashmi saurana said...

sundar geet ko padhane ke liye aabhar.

vinayakam said...

thank you sir..